बहेड़ी में भीषण आग: 200 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली
बरेली जनपद के बहेड़ी थाना क्षेत्र के सिगौती गांव में सोमवार दोपहर अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज लपटों ने करीब 200 बीघा में खड़ी तैयार गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही समय में जलकर राख हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
तेज हवा बनी आग फैलने की बड़ी वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद तेज हवाओं ने स्थिति को और भयावह बना दिया। लपटें तेजी से एक खेत से दूसरे खेत तक फैलती चली गईं, जिससे कई किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। हालात इतने गंभीर हो गए कि ग्रामीणों के पास आग पर काबू पाने के पर्याप्त साधन नहीं थे।
किसानों और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के आगे उनके प्रयास नाकाम साबित हुए। चारों ओर धुआं, आग की लपटें और लोगों की चीख-पुकार से माहौल भयावह हो गया।
दमकल और पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए बहेड़ी के साथ-साथ बरेली और उत्तराखंड के किच्छा से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा के अनुसार, कई दमकल यूनिट्स और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से प्रयास कर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
किसानों पर टूटा आर्थिक संकट
कटाई के लिए पूरी तरह तैयार फसल के जल जाने से किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। यह नुकसान उनके पूरे साल की मेहनत और आमदनी को प्रभावित करने वाला है।
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने और राहत पहुंचाने की मांग की है, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
जांच के आदेश, नुकसान का आकलन शुरू
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब किसानों और ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि उन्हें कब तक राहत और मुआवजा मिल पाता है।






