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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री, एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी
No Slide Found In Slider. वाराणसी। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार शाम केदार घाट स्थित विद्या मठ पहुंचकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती…
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भूलकर भी न करें यह गलती! पक्का मकान छिपाकर PM आवास मांगने वालों के आवेदन हो रहे निरस्त बरेली |
No Slide Found In Slider. प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत आवास पाने के लिए किए गए फर्जी दावों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सेल्फ सर्वे के दौरान पक्के मकान को कच्चा दर्शाने…
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सहारा सामाजिक संगठन ने हेल्थकेयर हॉस्पिटल में किया ध्वजारोहण
No Slide Found In Slider. सहारा सामाजिक संगठन ने हेल्थकेयर हॉस्पिटल में किया ध्वजारोहण बरेली ठिरिया निजावत खान में हेल्थ केयर हॉस्पिटल एवं संगठन कार्यलय पर सहारा सामाजिक संगठन ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रीय गीत के…
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यूपी के बरेली में इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट का बड़ा आरोप, कहा- डीएम आवास में बंधक बनाया गया
No Slide Found In Slider. बरेली जिले के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की तरफ से दोपहर में जिस तरीके से इस्तीफा प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोपहर तक इस बात की जानकारी…
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नवाबगंज टी- 20 प्रीमियर क्रिकेट लीग का हुआ जोरदार आगाज*
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रूट का कमाल: न्यूजीलैंड में दोहरा शतक जड़कर ये रिकॉर्ड किया अपने नाम
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टूटने वाला था रिकॉर्ड, वॉर्नर के पास जाने को तैयार हो रहे थे लारा, लेकिन…
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IIT स्टूडेंट पर पैसों की बारिश, ये कंपनियां दे रहीं करोड़ों का पैकेज
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UP Panchayat Election: वोटर बनने की लहर! 95 हजार नए लोगों ने किया आवेदन, देखें अपनी तहसील
No Slide Found In Slider. बरेली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की निर्वाचक नामावलियों में दावा और आपत्तियों के आंकड़े सामने आ गए हैं। जिले में करीब 96 हजार लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के…
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बरेली में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, बुलडोजर कार्रवाई से मचा हड़कंप
No Slide Found In Slider. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रेलवे की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को बारादरी थाना क्षेत्र…
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बरेली में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, बुलडोजर कार्रवाई से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रेलवे की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को बारादरी थाना क्षेत्र के ईंट पजाया चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जहां बुलडोजर चलने से कब्जाधारकों में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस इलाके में रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध निर्माण और कब्जे किए गए थे। रेलवे प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब कब्जा नहीं हटाया गया, तो रेलवे और आरपीएफ (Railway Protection Force) की संयुक्त टीम ने दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंचकर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान रेलवे की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरी कार्रवाई पुलिस निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, श्यामगंज से इज्जतनगर रेलवे वर्कशॉप तक जाने वाली रेल लाइन पर लगभग 50 वर्ष पहले तक ट्रेनों का संचालन होता था। संचालन बंद होने के बाद रेलवे की सैकड़ों बीघा जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हो गया। हालात ऐसे बने कि श्यामगंज रेलवे स्टेशन तक अवैध कब्जों में दब गया।
बताया गया कि श्यामगंज क्षेत्र में कभी रेलवे का लकड़ी डिपो हुआ करता था, लेकिन समय के साथ अतिक्रमणकारियों ने यहां पक्के मकान और अन्य निर्माण करा लिए। रेलवे प्रशासन द्वारा इन सभी अवैध कब्जों को पहले ही चिह्नित कर लिया गया था और कई बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
जब निर्धारित समय के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया, तो रेलवे ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बरेली शहर के अन्य इलाकों में भी पूर्वोत्तर रेलवे की जमीनों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिन्हें चिन्हित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे सभी अतिक्रमणों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बरेली में धारा 163 लागू, भीड़ जुटाने पर सख्त कार्रवाई का आदेश
बरेली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने यह आदेश जिले में शांति भंग होने की संभावनाओं को देखते हुए जारी किया है।
जिलाधिकारी को विभिन्न खुफिया और प्रशासनिक स्रोतों से इनपुट मिला है कि आगामी दिनों में महाशिवरात्रि, होलिका दहन, शब-ए-बरात जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी एवं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कुछ असामाजिक और जनविरोधी तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इन गतिविधियों से जिले में द्वेष, वैमनस्य और दुर्भावना फैलने की आशंका जताई गई है, जिससे लोकशांति भंग हो सकती है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिले में तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश के अनुसार अब किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि, इस प्रतिबंध से सरकारी कार्यालयों, शासकीय कार्यों में लगे कर्मियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को अलग रखा गया है, ताकि प्रशासनिक और आवश्यक कार्यों में कोई बाधा न आए।
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बरेली में एम्स स्थापना की उम्मीदों को मिला बल, सांसद-विधायक और संगठन स्तर पर तेज हुई पैरवी
बरेली। केंद्रीय बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स (AIIMS) की स्थापना का प्रावधान शामिल होने के बाद बरेली में इसके निर्माण की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर नई ऊर्जा मिली है। बरेली समेत आसपास के जिलों के जनप्रतिनिधियों ने पहले भी कई बार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष एम्स स्थापना की मांग उठाई है।
कुछ माह पूर्व जनप्रतिनिधियों की पहल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को एम्स स्थापना को लेकर पत्र भी भेजा जा चुका है। अब बजट में पश्चिमी यूपी के लिए एम्स का उल्लेख होने से इस मांग को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मजबूती मिली है।
भौगोलिक स्थिति और भूमि उपलब्धता बरेली को बनाती है मजबूत दावेदार
बरेली एक टू-टियर शहर होने के साथ ही दिल्ली-लखनऊ कॉरिडोर के मध्य स्थित है, जिससे यहां एम्स की स्थापना की संभावना प्रबल मानी जा रही है। यदि बरेली में एम्स बनता है तो इसका लाभ केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बरेली और मुरादाबाद मंडल के कई जिलों की आबादी को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
एम्स स्थापना के लिए फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में बंद पड़ी रबर फैक्ट्री की सैकड़ों एकड़ भूमि उपलब्ध है। इसी स्थान पर एम्स निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने पहले भी उठाई है आवाज
पूर्व में सांसद रहे संतोष गंगवार, वर्तमान सांसद छत्रपाल गंगवार, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत मुलाकातों और पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से एम्स स्थापना की मांग कर चुके हैं।
बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स की स्थापना बरेली में कराने के लिए प्रयास और तेज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बरेली से दिल्ली या लखनऊ पहुंचने में चार से पांच घंटे लगते हैं, जबकि आगरा और मेरठ जैसे शहरों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। सांसद ने संकेत दिया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर पुनः चर्चा करेंगे।
संगठन स्तर पर भी तेज होगी पहल
भाजपा के बृज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि बजट में एम्स का प्रावधान आने से बरेली में इसकी स्थापना को लेकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स की सबसे मजबूत मांग बरेली से उठी है। जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर उच्च स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से रखा जाएगा। एम्स बनने से हजारों लोगों को इलाज के लिए दिल्ली और लखनऊ की दौड़ से राहत मिलेगी।
ट्रॉमा सेंटर का मुद्दा भी फिर चर्चा में
केंद्रीय बजट में हर जिले में ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। बरेली में पहले से ही ट्रॉमा सेंटर का भवन तैयार है, लेकिन स्टाफ की तैनाती न होने के कारण इसका संचालन नहीं हो सका। नए बजटीय प्रावधान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पहले से बने ट्रॉमा सेंटर में आवश्यक मैनपावर की तैनाती हो सकती है, जिससे यह सुविधा शुरू हो सके।
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बरेली में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, बुलडोजर कार्रवाई से मचा हड़कंप
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