जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन; छात्रों के भविष्य का उठाया मुद्दा

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली
बरेली। रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी ने बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
इधर, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के लंबे समय से राजनीतिक विरोधी और कई मामलों में वादी रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला ने भी जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में एक दिवसीय उपवास रखा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आज़म खान से उनके राजनीतिक और वैचारिक मतभेद पहले की तरह कायम हैं, लेकिन शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर वह यूनिवर्सिटी के साथ खड़े हैं।
बड़ी संख्या में जुटे सपा नेता और कार्यकर्ता
कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन में पूर्व मंत्री एवं विधायक शहज़िल इस्लाम, पूर्व मंत्री अताउर रहमान, वरिष्ठ नेता वीरपाल यादव, भगवत शरण गंगवार, सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
38 भवनों पर कार्रवाई का विरोध
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने मांग की कि रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के लिए जारी नोटिस तत्काल वापस लिया जाए। पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो उनकी शिक्षा एवं भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
शहज़िल इस्लाम बोले— राज्यपाल छात्रों के हित में लें निर्णय
मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री एवं विधायक शहज़िल इस्लाम ने कहा कि राज्यपाल विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति (चांसलर) हैं, इसलिए उन्हें छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस मामले पर संवेदनशीलता से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई का सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा। इसी उद्देश्य से समाजवादी पार्टी ने राज्यपाल तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा है।
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने सरकार से की पुनर्विचार की मांग
सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा शिक्षा का केंद्र है। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
शिक्षा बनाम कार्रवाई की बहस तेज
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी का यह प्रदर्शन राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर सरकार नियमानुसार कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले हजारों छात्रों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।





