अवैध ढाबों की गंदगी से नाला पटा, स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां

नवाबगंज। नवाबगंज बाईपास रोड पर स्थित लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के सामने अवैध रूप से संचालित ढाबों ने नगर पालिका द्वारा बनाए गए नाले को कूड़े का ढेर बना दिया है। ढाबा संचालक ढाबों का सारा कचरा सीधे नाले में फेंक रहे हैं, जिससे नाला पूरी तरह से पाट दिया गया है। हालात यह हैं कि नाले का पानी रुक गया है और आसपास बदबू के साथ संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
कचरे से जाम हुआ नाला, जहरीला हुआ माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले में जमा सड़ा हुआ कूड़ा न केवल दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण को भी जहरीला बना रहा है। जल निकासी बाधित होने से नाले में गंदा पानी जमा है, जो मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया, हैजा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
स्वच्छता अभियान पर सवाल
एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ढाबा संचालकों की इस लापरवाही ने पूरे अभियान की पोल खोल दी है। नाले में लगातार कचरा डालने से नगरवासियों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को संक्रामक बीमारियों के खतरे में जीना पड़ रहा है।
नगर पालिका की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या की शिकायत कई बार नगर पालिका से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नाले की नियमित सफाई और अवैध ढाबों पर कार्रवाई न होने से हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि नाले की तत्काल सफाई कराई जाए, कचरा फैलाने वाले ढाबा संचालकों पर जुर्माना लगाया जाए और अवैध ढाबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।






