SIM कार्ड स्कैम केस में बीनू विद्याधरन को जमानत, कोर्ट ने कहा– साजिश का स्पष्ट तत्व नहीं

नई दिल्ली स्थित Rouse Avenue Court की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अदालत ने SIM कार्ड स्कैम और साइबर फ्रॉड से जुड़े करप्शन केस में आरोपी बीनू विद्याधरन को जमानत दे दी है।
बीनू विद्याधरन टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि लगभग 21,000 गैर-कानूनी SIM कार्ड जारी किए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर फ़िशिंग स्कीम और साइबर धोखाधड़ी में किया गया।
कोर्ट की टिप्पणी: साजिश का स्पष्ट प्रमाण नहीं
अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका लापरवाही तक सीमित प्रतीत होती है। कोर्ट के अनुसार, फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट तत्व सामने नहीं आया है, जिससे आपराधिक साजिश में प्रत्यक्ष संलिप्तता स्थापित हो सके।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच और ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
21 हजार SIM कार्ड के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, बड़ी संख्या में जारी किए गए SIM कार्ड का उपयोग कथित तौर पर साइबर फ्रॉड और फ़िशिंग गतिविधियों में किया गया। यह मामला दूरसंचार क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन और केवाईसी प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।






