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बरेली कैंट के बाजारों को नई पहचान: BI बना ‘शौर्य’, RA बना ‘विरासत परिसर’

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बरेली छावनी क्षेत्र में विकास और नई पहचान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छावनी परिषद की सामान्य बैठक में बीआइ बाजार और आरए बाजार के नाम बदलकर उन्हें नई पहचान दी गई है। अब बीआइ बाजार को ‘शौर्य बाजार’ और आरए बाजार को ‘विरासत परिसर’ के नाम से जाना जाएगा।

यह निर्णय ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह (वाईएसएम), अध्यक्ष छावनी परिषद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें क्षेत्र के समग्र विकास, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

स्वच्छता पर फोकस: घर-घर डस्टबिन और होम कंपोस्टर

छावनी क्षेत्र को स्वच्छता के मामले में बेहतर बनाने के लिए परिषद ने ठोस कदम उठाए हैं। स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए—

  • घर-घर प्लास्टिक डस्टबिन वितरण के लिए 5 लाख रुपये

  • होम कंपोस्टर वितरण के लिए 3 लाख रुपये

की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करना और कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना है।

श्मशान भूमि का नया नाम और प्रबंधन समिति

छावनी क्षेत्र स्थित श्मशान भूमि का नाम बदलकर ‘पंचतत्व मोक्ष धाम’ रखा गया है। इसके संचालन, रखरखाव और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रबंधन समिति के गठन को भी मंजूरी दी गई है।

जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए परिषद ने आरए बाजार प्राथमिक विद्यालय और कैंट गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने के लिए 19.50 लाख रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राजस्व और सुविधाओं से जुड़े फैसले

बैठक में विभिन्न बाजारों में तहबाजारी और मार्केट फीस संग्रहण के लिए दो वर्षों हेतु 11.98 लाख रुपये की उच्चतम बोली को मंजूरी दी गई।

वहीं, गांधी उद्यान में पार्किंग और प्रवेश शुल्क संग्रहण के लिए तीन वर्षों हेतु 33.03 लाख रुपये की ई-नीलामी बोली स्वीकृत की गई।

हालांकि, राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से जलकर दरों में संशोधन का प्रस्ताव परिषद ने खारिज कर दिया।

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम

पर्यावरण संरक्षण और कार्बन न्यूट्रल छावनी की दिशा में आगे बढ़ते हुए परिषद ने सीयूजीएल के सहयोग से चार सीएनजी वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है।

इसके अलावा प्रमुख स्थानों—जैसे छावनी परिषद कार्यालय, आरएन टैगोर इंटर कॉलेज और अतिथि गृह—पर एलईडी साइन बोर्ड लगाने के लिए 9.80 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

प्रशासनिक सुधार और अन्य प्रस्ताव

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न आउटसोर्सिंग अनुबंधों को एकीकृत कर एकीकृत मानव संसाधन अनुबंध प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।

साथ ही, सर्वे नंबर-322 स्थित भूमि के एक हिस्से पर गोशाला स्थापित करने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकारी को भेजने की संस्तुति भी की गई।

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