बरेली में घटिया निर्माण पर कार्रवाई, तीन अभियंताओं को नोटिस

बरेली में सड़कों और अन्य विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों के बाद नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ग्रिड योजना समेत विभिन्न परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किए जाने के मामले में तीन अवर अभियंताओं (जेई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
कंक्रीट टेस्ट में फेल मिली गुणवत्ता
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देश पर 19 मार्च को 17 कंक्रीट क्यूब का परीक्षण कराया गया था। जांच में कंक्रीट की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। कंप्रेसिव स्ट्रेंथ टेस्ट में मजबूती अपेक्षा से काफी कम पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन नहीं किया गया।
तीन अभियंताओं पर गिरी गाज
मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने जिन तीन अवर अभियंताओं को नोटिस जारी किया है, उनमें मनीष वैद्य, विकास साहू और वीर प्रताप पटेल शामिल हैं। इनसे तीन कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इन इलाकों में मिलीं खामियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार—
- मनीष वैद्य के अधीन कालीबाड़ी और आलमगिरीगंज वार्डों में सीसी सड़कों के निर्माण में लापरवाही पाई गई।
- विकास साहू के कार्यक्षेत्र में ऑपरेशन कायाकल्प, वीर भट्टी, सिविल लाइंस और बेनीपुर चौधरी समेत कई इलाकों में निर्माण कार्य अधोमानक पाए गए।
- वीर प्रताप पटेल के जिम्मे मॉडल टाउन और सुरेश शर्मा नगर क्षेत्रों में भी गुणवत्ता में कमी सामने आई है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में अभियंताओं का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने की संस्तुति की जाएगी।
जनता के पैसे के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त
नगर निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इससे यह संदेश देने की कोशिश है कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।





