बरेली में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की बड़ी समीक्षा बैठक, 37 योजनाओं की होगी पड़ताल
सुस्त विभागों पर सख्ती के संकेत, अधूरी परियोजनाओं और लंबित शिकायतों पर मांगा जाएगा जवाब

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली
बरेली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को बरेली पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले सर्किट हाउस में भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके बाद उनका कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, राजस्व मामलों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा का कार्यक्रम निर्धारित है। बैठक को लेकर प्रशासनिक अमले में सुबह से ही हलचल तेज रही और विभिन्न विभागों के अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों, प्रगति रिपोर्ट और अद्यतन आंकड़ों के साथ तैयारियों में जुटे रहे।
37 प्रमुख योजनाओं की होगी गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक में वर्ष 2017 से संचालित केंद्र एवं प्रदेश सरकार की 37 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। सभी विभागों को योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, बजट उपयोग, लाभार्थियों की संख्या तथा लंबित कार्यों का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक से पहले अधिकारियों ने देर रात तक आंकड़ों का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की।
अधूरी परियोजनाओं पर मांगा जाएगा जवाब
निर्धारित समय सीमा के बावजूद पूरी न हो सकी विकास परियोजनाएं भी समीक्षा के केंद्र में रहेंगी। लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों से देरी के कारण पूछे जाएंगे और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। साथ ही विभिन्न योजनाओं में आवंटित धनराशि के उपयोग और विभागीय प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा।
इन योजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत कुल 37 प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा होगी। इसके अतिरिक्त जिले में चल रही अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और लंबित कार्यों की स्थिति भी परखी जाएगी।
शिकायतों के निस्तारण पर भी होगी पड़ताल
डिप्टी सीएम कार्यालय में जनवरी 2026 से अब तक प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी समीक्षा बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। विभागवार यह जानकारी ली जाएगी कि कितनी शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया गया और कितने मामले अभी भी लंबित हैं। अधिकारियों को शिकायत निस्तारण की पूरी रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि किसी विभाग की प्रगति असंतोषजनक पाई गई या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। ऐसे में यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक अधिकारियों के प्रदर्शन की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
फिलहाल पूरे जिले की निगाहें कलेक्ट्रेट सभागार में होने वाली इस अहम समीक्षा बैठक पर टिकी हैं, जहां विकास कार्यों की रफ्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर डिप्टी सीएम स्वयं विभागवार जवाबदेही तय करेंगे।






