No Slide Found In Slider.
देश

Bareilly: 4 CHC बनेंगी हाई-टेक ट्रामा सेंटर, हादसे के तुरंत बाद मिलेगा इलाज

No Slide Found In Slider.

प्रदेश सरकार के बजट में ट्रामा सेंटरों के लिए विशेष प्रावधान के बाद बरेली जिले में सड़क हादसों के पीड़ितों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को हाई-टेक ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना को हरी झंडी मिल गई है।

इस पहल का उद्देश्य “Golden Hour” के दौरान दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराकर मृत्यु दर को कम करना है।


हाईवे के पास 4 CHC चयनित

स्वास्थ्य विभाग ने क्रिटिकल कॉरिडोर के अंतर्गत चार सीएचसी को ट्रामा केयर यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया है। इनमें शामिल हैं:

  • सीएचसी मीरगंज (हाईवे से लगभग 2 किमी दूरी)

  • सीएचसी फरीदपुर (लगभग 1.8 किमी दूरी)

  • सीएचसी बहेड़ी (लगभग 1 किमी दूरी)

  • सीएचसी भिठौरा टाउन (लगभग 1 किमी दूरी)

इन केंद्रों को अत्याधुनिक ट्रामा केयर उपकरण, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, प्राथमिक आपात चिकित्सा (Emergency Response Setup) और अन्य जरूरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।


दो-दो एंबुलेंस की व्यवस्था

प्रत्येक चिन्हित सीएचसी में दो-दो एंबुलेंस उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए राज्य निधि से बजट स्वीकृत किया गया है। एंबुलेंस सेवाओं को हाईवे पेट्रोलिंग और परिवहन विभाग के साथ समन्वित किया जाएगा, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही त्वरित रेस्क्यू और शिफ्टिंग की व्यवस्था हो सके।

अधिकारियों के अनुसार, संबंधित अस्पतालों की सूची परिवहन विभाग को भी उपलब्ध करा दी गई है, जिससे आपात स्थिति में रेफरल प्रक्रिया में देरी न हो।


बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर सरकार की चिंता

राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कई बार गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर ट्रामा सुविधा नहीं मिल पाती। इससे कम गंभीर चोट वाले मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मृत्यु दर को देखते हुए शासन ने हाईवे के नजदीक स्थित सरकारी चिकित्सालयों को चरणबद्ध तरीके से ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित करने की रणनीति बनाई है।

इस कदम से प्राथमिक उपचार, Stabilization और आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की प्रक्रिया तेज होगी।


100 बेड से अधिक वाले 4 निजी अस्पताल सूचीबद्ध

सरकारी सीएचसी के अलावा स्वास्थ्य विभाग ने 100 से अधिक बेड क्षमता वाले चार निजी अस्पतालों को भी दुर्घटना पीड़ितों के उपचार के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें शामिल हैं:

  • फ्यूचर हॉस्पिटल

  • रजा हॉस्पिटल

  • श्रीराममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर

  • नारायणी मेडिकल रिसर्च सेंटर

इन अस्पतालों को आपात स्थिति में रेफरल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को उन्नत इलाज मिल सके।

No Slide Found In Slider.

Live bharat TV

Related Articles

Back to top button