कासगंज में कमीशन के बंटवारे का वीडियो वायरल, BDO हटाए गए; जांच टीम गठित

विकास कार्यों में 10 प्रतिशत कमीशन के बंटवारे की चर्चा का दावा, वीडियो में डीएम समेत अन्य अधिकारियों का भी जिक्र; जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
लाइव भारत टीवी न्यूज़ | कासगंज।
कासगंज जिले के पटियाली विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (BDO) संजीव कुमार का 53 सेकंड का एक वीडियो प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। वीडियो में कथित तौर पर विकास कार्यों में कमीशन के बंटवारे को लेकर बातचीत करते हुए बीडीओ दिखाई दे रहे हैं। इसमें डीडी, सीडीओ, पीडी और जिलाधिकारी को भी कमीशन देने का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीडीओ को पद से हटाकर विकास भवन से संबद्ध कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई है।
वीडियो में 10 प्रतिशत कमीशन के बंटवारे का जिक्र
बुधवार को प्रसारित हुए वीडियो में बीडीओ संजीव कुमार अपने कार्यालय में बैठे किसी व्यक्ति को फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘लेना जानते हैं, देना नहीं।’ इसके बाद वह 10 प्रतिशत कमीशन के बंटवारे का गणित बताते हुए अलग-अलग अधिकारियों को हिस्सा देने की बात करते दिखाई देते हैं।
वीडियो में डीडी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), परियोजना निदेशक (पीडी) और जिलाधिकारी (डीएम) का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है। बातचीत के दौरान ‘सिस्टम बना हुआ है’ और ‘पूरा एक दे जाना, एक से कम मत देना’ जैसे कथित बयान भी सुनाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की सत्यता और बातचीत के पूरे संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
डीएम ने की कार्रवाई, दो सदस्यीय टीम करेगी जांच
वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ संजीव कुमार को विकास भवन से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए एडीएम (न्यायिक) मंजूर अहमद और एसडीएम संजीव कुमार की दो सदस्यीय टीम गठित की गई है।
जिलाधिकारी के अनुसार, जांच टीम मामले के तथ्यों की पड़ताल कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बीडीओ ने दी सफाई, उकसाने का लगाया आरोप
वीडियो प्रसारित होने के बाद बीडीओ संजीव कुमार ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि गुस्से में उनके मुंह से ये शब्द निकल गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के लिए उन्हें जानबूझकर उकसाया गया था।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि वीडियो में की गई कथित बातचीत की वास्तविकता क्या है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।






