सामाजिक न्याय के पुरोधा थे शिवदयाल चौरसिया: शमीम खाँ सुल्तानी

बरेली। समाजवादी पार्टी महानगर कार्यालय में आज स्व. शिवदयाल चौरसिया की पुण्यतिथि पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने उन्हें “सामाजिक न्याय का अग्रदूत” बताते हुए कहा कि वे न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, बल्कि पिछड़े वर्गों, दलितों और महिलाओं के अधिकारों की आवाज भी थे।
योगदान: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका, समाजसेवा और राजनीतिक चेतना के लिए जीवन समर्पित, पिछड़ी जातियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष, महिलाओं के लिए आरक्षण की माँग करने वाले पहले नेताओं में से एक लोक अदालतों की अवधारणा को बढ़ावा देने वाले इन्हें “लोक अदालत का जनक” भी कहा जाता है
सपा कार्यालय पर पुण्यतिथि कार्यक्रम
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शिवदयाल चौरसिया की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। बरेली में यह कार्यक्रम दोपहर 3 बजे पार्टी कार्यालय पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर पर शिवदयाल चौरसिया जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके समाज सेवा के योगदान पर वक्ताओं ने विचार साझा किए।
शमीम खाँ सुल्तानी ने क्या कहा
“शिवदयाल जी राष्ट्रव्यापी पिछड़ा वर्ग आंदोलन के प्रणेता थे। उन्होंने सामाजिक समानता के लिए जो संघर्ष किया, वो आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। समाजवादी पार्टी उनकी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है।”
“उन्होंने न केवल पिछड़ों और दलितों की आवाज उठाई, बल्कि महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की भी वकालत की। गरीबों को सस्ता और त्वरित न्याय देने के लिए लोक अदालतों की स्थापना पर जोर दिया।”
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
शमीम खाँ सुल्तानी (महानगर अध्यक्ष), पंडित दीपक शर्मा (महानगर महासचिव), मो. आरिफ कुरैशी (वरिष्ठ पार्षद), हरिओम प्रजापति (सचिव), धीरज यादव ‘हैप्पी’, रमीज़ हाशमी, ऋषि यादव, रोहित राजपूत (कैंट विधानसभा अध्यक्ष), एड. राजेन्द्र लोधी, राजकुमार राजपूत,नअमित गिहार, अर्श मिर्जा, कुलदीप राना, अमान खान, वरुण गिहार, डॉ. ज़ाहिद अली, सुनील यादव सहित कई पदाधिकारीगण






