आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त बने मेरठ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति
राज्यपाल की स्वीकृति से नियुक्ति, तीन वर्ष का होगा कार्यकाल

बरेली। इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त को मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। नियुक्ति आदेश जारी होते ही बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है। डॉ. दत्त शीघ्र ही विश्वविद्यालय का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. त्रिवेणी दत्त का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष का होगा।
आईवीआरआई में दिया विकास को नया आयाम
डॉ. त्रिवेणी दत्त वर्ष 2021-22 में आईवीआरआई के निदेशक नियुक्त हुए थे। उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान ने शोध, नवाचार और प्रशासनिक उत्कृष्टता के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन, पारवो कैनाइन वैक्सीन, रुहेलखंडी भेड़, बकरी, गाय और खच्चर नस्लों के पंजीकरण समेत एक दर्जन से अधिक प्रौद्योगिकियों का व्यवसायीकरण और रिलीज उनके नेतृत्व में हुआ।
35 वर्ष बाद राष्ट्रपति के हाथों दीक्षांत
डॉ. दत्त के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि करीब 35 वर्षों बाद आईवीआरआई में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं वैज्ञानिकों और मेधावियों को उपाधियां और पुरस्कार प्रदान किए।
नैक ‘डबल ए प्लस’ और एनआईआरएफ में मिली पहचान
उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद (नैक) ने आईवीआरआई को ‘ए++’ (डबल ए प्लस) ग्रेड प्रदान किया। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भी आईवीआरआई देश के शीर्ष संस्थानों की सूची में शामिल हुआ।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिली मजबूती
डॉ. त्रिवेणी दत्त के कार्यकाल में एडवांस रिसर्च फॉर केनाइन सेंटर के निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। इसके साथ ही वैक्सीन प्रमाणीकरण केंद्र का विस्तार, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त केंद्रीय सभागार का निर्माण और कई अन्य आधारभूत ढांचागत विकास कार्य भी पूरे किए गए।
नई जिम्मेदारी से शिक्षा जगत को उम्मीदें
शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासन में डॉ. त्रिवेणी दत्त के अनुभव को देखते हुए उनके मेरठ कृषि विश्वविद्यालय का कुलपति बनने से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शोध कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






