कागजों में खेती, जमीन पर कारोबार: स्टांप शुल्क चोरी का बड़ा खुलासा

बरेली। भूमि, प्लॉट और मकानों के बैनामों में बड़े पैमाने पर स्टांप शुल्क की चोरी का खुलासा हुआ है। कृषि भूमि, अकृषक और व्यवसायिक संपत्तियों को गलत श्रेणी में दिखाकर बैनामे कराए जा रहे थे। बीते वर्ष बैनामों की जांच में 1500 से अधिक प्रकरण ऐसे पाए गए, जिनमें स्टांप शुल्क की चोरी की गई।
जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए डीएम, एडीएम फाइनेंस और सहायक निरीक्षक निबंधन की अदालतों से निर्णय के बाद बकायादारों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी कर दिए हैं। जिलेभर में इन मामलों में 30.75 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जानी है।
471 बकायादार, एक-एक लाख से ज्यादा का बकाया
कलेक्ट्रेट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इनमें 471 ऐसे बकायादार शामिल हैं, जिन पर एक-एक लाख रुपये से अधिक की देनदारी है। इनसे कुल 17.69 करोड़ रुपये की वसूली प्रस्तावित है। ये आंकड़े दिसंबर माह में जारी किए गए थे, जिनमें अब और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
तहसीलवार वसूली के निर्देश, कुर्की तक की तैयारी
एडीएम फाइनेंस संतोष कुमार सिंह ने जनपद के सभी तहसीलदारों को वसूली में तेजी लाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों से स्टांप देयकों से संबंधित प्राप्त वसूली प्रमाणपत्रों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार संपत्ति की कुर्की तक की कार्रवाई की जाए और की गई वसूली की रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा भी की जा रही है।
दो बैनामों में 8.10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना
बरेली। हाल ही में सहायक आयुक्त (स्टांप) तेज सिंह यादव की अदालत ने पीलीभीत रोड स्थित मुड़िया अहमदनगर के एक प्रकरण में अहम फैसला सुनाया। खेत संख्या 1025, रकबा 0.5270 हेक्टेयर में से 0.15805 हेक्टेयर भूमि की खरीद से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान बैनामे में 3,21,310 रुपये के कम स्टांप शुल्क और 45,920 रुपये के कम निबंधन शुल्क की पुष्टि हुई।
अदालत ने कमी स्टांप शुल्क की राशि पर लेखपत्र निष्पादन की तिथि से वसूली तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज वसूलने के आदेश दिए।
दूसरे बैनामे में 4.43 लाख का अर्थदंड
इसी खेत से जुड़े दूसरे बैनामे के मामले में 3,79,200 रुपये स्टांप शुल्क की कमी, 54,180 रुपये निबंधन शुल्क की कमी और 10,000 रुपये अर्थदंड लगाते हुए कुल 4,43,380 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्टांप शुल्क चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलत श्रेणी दिखाकर बैनामा कराने वालों पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि ब्याज और कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।





