परिषदीय स्कूलों में दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की होगी गहन जांच, फर्जी पाए जाने पर सेवा समाप्त

जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के दिव्यांगता और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की गहन जांच की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों की पहचान करना है। बेसिक शिक्षा विभाग में लगातार बढ़ते फर्जीवाड़े के मामलों को देखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है।
निर्देशों के अनुसार, यदि जांच में कोई शिक्षक अपात्र पाया जाता है या उसके प्रमाण-पत्र फर्जी साबित होते हैं, तो उसकी सेवा तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।
डीजी स्कूल शिक्षा का पत्र और बीएसए की कार्रवाई डीजी स्कूल शिक्षा से प्राप्त पत्र के बाद बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने ब्लॉक में तैनात दिव्यांग शिक्षकों की सूची तैयार करें। साथ ही, निर्धारित समयावधि के भीतर प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस जांच से विभाग का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि योग्य शिक्षकों को ही अवसर मिल सके।






