बरेली में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, बुलडोजर कार्रवाई से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रेलवे की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को बारादरी थाना क्षेत्र के ईंट पजाया चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जहां बुलडोजर चलने से कब्जाधारकों में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस इलाके में रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध निर्माण और कब्जे किए गए थे। रेलवे प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब कब्जा नहीं हटाया गया, तो रेलवे और आरपीएफ (Railway Protection Force) की संयुक्त टीम ने दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंचकर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान रेलवे की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरी कार्रवाई पुलिस निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, श्यामगंज से इज्जतनगर रेलवे वर्कशॉप तक जाने वाली रेल लाइन पर लगभग 50 वर्ष पहले तक ट्रेनों का संचालन होता था। संचालन बंद होने के बाद रेलवे की सैकड़ों बीघा जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हो गया। हालात ऐसे बने कि श्यामगंज रेलवे स्टेशन तक अवैध कब्जों में दब गया।
बताया गया कि श्यामगंज क्षेत्र में कभी रेलवे का लकड़ी डिपो हुआ करता था, लेकिन समय के साथ अतिक्रमणकारियों ने यहां पक्के मकान और अन्य निर्माण करा लिए। रेलवे प्रशासन द्वारा इन सभी अवैध कब्जों को पहले ही चिह्नित कर लिया गया था और कई बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
जब निर्धारित समय के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया, तो रेलवे ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बरेली शहर के अन्य इलाकों में भी पूर्वोत्तर रेलवे की जमीनों पर अवैध कब्जे मौजूद हैं, जिन्हें चिन्हित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे सभी अतिक्रमणों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।






