नरसिंहपुर में विकास कार्यों पर संकट, सरपंच ने पंचायत भवन में दी आत्मदाह की चेतावनी
नरसिंहपुर जिले की चीचली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सीरेगांव में विकास कार्यों को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार रात अचानक गंभीर हो गया। ग्राम पंचायत के सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने पंचायत भवन में खुद को बंद कर आत्मदाह की चेतावनी देकर प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सरपंच महेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पहले से स्वीकृत निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर लगातार प्रशासनिक अड़चनें डाली जा रही हैं। उनका कहना है कि इन बाधाओं के कारण गांव में जरूरी विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
दो वर्षों से जारी संघर्ष
सरपंच के अनुसार, वे पिछले दो वर्षों से गांव के विकास कार्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन सौंपे। साथ ही जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
महेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विकास योजनाओं में हो रही देरी से न केवल पंचायत की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जनहित के लिए उठाया कदम
सरपंच ने साफ किया कि उनका यह कदम किसी निजी स्वार्थ से प्रेरित नहीं है। उनका कहना है कि यह चेतावनी गांव में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से दी गई है, ताकि प्रशासन गंभीरता से संज्ञान ले और समाधान निकाला जा सके।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गांव की विकास योजनाओं को लेकर क्या ठोस निर्णय लिया जाता है।





