बरेली में महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की शुरुआत, डेयरी सेक्टर को नया आयाम

बरेली :
बरेली को योगी सरकार की महिला सामर्थ्य योजना के तहत महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की सौगात दी गई है। इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में समृद्ध बनाना और डेयरी सेक्टर में नई रफ्तार लाना है।
कंपनी महिलाओं को दूध संग्रहण और विपणन का नया मंच प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादक महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर साबित होगा।
प्रदेश में अन्य जिलों में भी कंपनी का गठन
यूपी बजट के तहत महिला सामर्थ्य योजना में प्रदेश के पांच जिलों में मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के गठन का प्रावधान किया गया है। इसमें गोरखपुर, बरेली और रायबरेली शामिल हैं। इन जिलों में दुग्ध संग्रहण और विपणन का कार्य प्रारंभ हो गया है।
बरेली दुग्ध सहकारी संघ के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर से प्रतिदिन लगभग 65 हजार लीटर दूध संग्रहित कर पराग को दिया जा रहा है। मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
बरेली में निवेश और रोजगार के अवसर
कंपनी के बरेली में 50 हजार लीटर क्षमता का प्लांट स्थापित करने की योजना है। अनुमानित निवेश लगभग 50–55 करोड़ रुपये होगा। योजना के अंतर्गत गांव-गांव महिलाओं के छोटे-छोटे समूह बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से दूध संग्रहण किया जाएगा।
इस परियोजना से जिले के हजारों पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता आएगी और महिलाओं को दुग्ध उत्पादन के लिए बढ़ावा मिलेगा।
बरेली दुग्ध संघ का बयान
बरेली दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रधान प्रबंधक मनीष सिंह ने बताया कि बजट में कंपनी की स्थापना की घोषणा हुई है, लेकिन लिखित रूप से कोई आदेश प्राप्त होने तक ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती। वर्तमान में संघ प्रतिदिन बरेली मंडल से 65 हजार लीटर दूध एकत्र कर रहा है।





