बरेली को दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से मिलने की उम्मीद

बरेली:
बरेली में दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से नए विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश की राजधानी और पूर्वी शहरों के बीच यात्रा का समय घटेगा, बल्कि बरेली मंडल के जिलों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
नोएडा, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद जैसे महत्वपूर्ण शहर इस कॉरिडोर से जुड़े हैं। बरेली की स्थिति दिल्ली-लखनऊ मार्ग के मध्य होने और यहाँ पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर मंडल होने के कारण इस परियोजना का लाभ सीधे मिलने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रा समय में बड़ी कटौती
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का मुख्य लक्ष्य दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा का समय लगभग तीन घंटे तक कम करना है। इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।
यद्यपि उत्तर प्रदेश के बजट में इस परियोजना के विस्तार का प्रावधान शामिल है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कॉरिडोर किन-किन शहरों और जिलों से होकर गुजरेगा।
बरेली में संभावित आर्थिक लाभ
प्रशासनिक अफसरों का मानना है कि यदि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस और इस कॉरिडोर के मार्ग में बरेली शामिल होता है, तो कई तरह के लाभ होंगे:
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कॉरिडोर से गुजरने वाले क्षेत्रों की जमीनों का मूल्य बढ़ना
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रोजगार के नए अवसर और व्यवसायिक गतिविधियों में वृद्धि
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इस परियोजना की विस्तार से जानकारी सार्वजनिक करने में अभी कुछ हिचक दिखायी है।
बरेली के लोग और व्यापारी इस परियोजना के संभावित मार्ग और लाभों की ओर ध्यान लगाए हुए हैं, ताकि आने वाले समय में निवेश और रोजगार के अवसरों का पूरा फायदा उठाया जा सके।






