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2035 तक 210-215 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है भारत का खुदरा बाजार: बीसीजी-आरएआई रिपोर्ट

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भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में 2035 तक देश के खुदरा बाजार का आकार 210 से 215 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़ा 2025 के अनुमानित 90 से 95 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से अधिक वृद्धि दर्शाता है।

यह आकलन Boston Consulting Group (BCG) और Retailers Association of India (RAI) द्वारा रिटेल लीडरशिप समिट 2026 में जारी संयुक्त रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खुदरा क्षेत्र अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां संरचनात्मक बदलाव और तकनीकी नवाचार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में वही रिटेलर्स सफल होंगे, जो स्पष्ट रणनीति, अनुशासित क्रियान्वयन और एआई-आधारित बदलावों को अपनाएंगे। उपभोक्ता व्यवहार तेजी से बदल रहा है, ऐसे में कंपनियों को ग्राहक जुड़ाव, संचालन मॉडल और प्रतिभा प्रबंधन में व्यापक परिवर्तन करने होंगे।

विश्लेषण में यह भी रेखांकित किया गया है कि जो कंपनियां उपभोक्ता अनुभव को केंद्र में रखकर अलग ग्राहक मूल्य प्रस्ताव तैयार करेंगी, वे प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करेंगी। लाभदायक और टिकाऊ वृद्धि के लिए स्पष्ट व्यावसायिक प्राथमिकताओं तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल एकीकरण, ओम्नी-चैनल रणनीति और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली भविष्य के खुदरा बाजार की आधारशिला होंगे। एआई के उपयोग से आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, मांग का पूर्वानुमान और व्यक्तिगत ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, भारत का खुदरा बाजार अगले दशक में तीव्र विस्तार की ओर अग्रसर है। 200 लाख करोड़ रुपये से अधिक के संभावित बाजार में वही कंपनियां असाधारण मूल्य सृजन कर पाएंगी, जो संरचनात्मक बदलावों को समय रहते अपनाकर नवाचार और अनुशासित प्रबंधन पर जोर देंगी।

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