बिहार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने संभाला सहायक प्राध्यापक पद, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में दिया योगदान

बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने सोमवार को शिक्षण क्षेत्र में नई भूमिका निभाते हुए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक पद पर योगदान दिया। कुलपति प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से विश्वविद्यालय को लाभ मिलेगा।
डॉ. चौधरी की तैनाती एएन कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में की गई है। इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. शाही, कुलसचिव प्रो. अबु बकर रिज़वी और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी प्रो. तारिक रहमानी ने नियुक्ति की पुष्टि की।
नियुक्ति पर सियासी हलचल
डॉ. अशोक चौधरी की नियुक्ति को लेकर पहले राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज रही। विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने बताया था कि कुछ प्रमाणपत्रों में विसंगतियां पाई गई हैं और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक निर्णय लेने की बात कही गई थी।
नाम में अंतर पर उठा प्रश्न
नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान नाम में अंतर का मुद्दा भी चर्चा में रहा। शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में उनका नाम ‘अशोक कुमार’ दर्ज है, जबकि चुनावी हलफनामे में ‘अशोक चौधरी’ लिखा गया है। इसी कारण बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग में उनकी नियुक्ति कुछ समय के लिए अटकी रही थी।
फिलहाल, औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के साथ डॉ. चौधरी ने अकादमिक जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





