चौगान मैदान की नीलामी में टूटा रिकॉर्ड, 2.31 करोड़ में ऐतिहासिक होली मेले का ठेका आवंटित

ऐतिहासिक होली मेले के आयोजन को लेकर इस वर्ष चौगान मैदान की नीलामी खासा चर्चा में रही। नगर परिषद की देखरेख में आयोजित खुली बोली प्रक्रिया में कुल सात फर्मों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद मैदान का ठेका 2 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपये की रिकॉर्ड राशि में आवंटित किया गया, जिसने पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया।
नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बोली की कार्यवाही चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ी। शुरुआती बोली अपेक्षाकृत कम राशि से शुरू हुई, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा तेज हुई, बोली की रकम तेजी से बढ़ती चली गई। अंतिम दौर में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया और उपस्थित लोग भी बढ़ती बोली देखकर आश्चर्यचकित रह गए।
अंततः मोहाली की न्यू राजू टेंट हाउस ने सर्वाधिक बोली लगाकर मैदान के संचालन का अधिकार हासिल किया। फर्म ने 2.31 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाकर अन्य सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया। इस राशि को अब तक की सबसे ऊंची बोली माना जा रहा है, जिससे नगर परिषद को उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त होगा।
प्रशासन का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप रही। सभी प्रतिभागियों को समान अवसर प्रदान किया गया और बोली प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से आयोजित किया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि सफल बोलीदाता को निर्धारित शर्तों और दिशा-निर्देशों के तहत मेले के आयोजन, स्टॉल आवंटन, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
ऐतिहासिक होली मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहरी पर्यटक भी इस मेले में पहुंचते हैं। पारंपरिक कार्यक्रमों, झूलों, खानपान स्टॉल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कारण यह आयोजन सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अहम माना जाता है।





