बरेली में जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर गिरफ्तार, स्पा संचालिका को धमकी और रंगदारी का आरोप

उत्तर प्रदेश के बरेली में स्पा सेंटर संचालिका को धमकाने और रंगदारी मांगने के आरोपी जिला बदर अपराधी ऋषभ ठाकुर को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। बारादरी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे बीडीए कॉलोनी से हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, ऋषभ ठाकुर और उसके चार अन्य साथियों के खिलाफ शुक्रवार को स्पा सेंटर संचालिका की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की गई है।
वायरल ऑडियो से मचा था हड़कंप
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब ऋषभ ठाकुर का करीब 17 मिनट 31 सेकंड का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस ऑडियो में वह अपने साथी आशु के साथ पीलीभीत रोड स्थित एक स्पा सेंटर संचालिका को धमकाते हुए सुनाई दे रहा था।
ऑडियो में आरोपी खुद को चर्चित “कैफे कांड” का मुख्य आरोपी बताते हुए दबदबा दिखाने की कोशिश कर रहा था। उसने यह तक दावा किया कि शहर में उसकी मर्जी के बिना कोई भी कारोबार नहीं चल सकता।
40 हजार रुपये की रंगदारी की मांग
वायरल बातचीत में ऋषभ ठाकुर ने कथित तौर पर “खर्चा-पानी” के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की थी। साथ ही उसने स्टिंग वीडियो हटाने के बदले पैसे देने का दबाव भी बनाया।
इतना ही नहीं, उसने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि वह खुद स्पा सेंटर खुलवाएगा और अगर कोई उसे रोक सके तो वह अपनी मूंछ मुंडवा लेगा। इस तरह की धमकियों ने शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
जिला बदर के बावजूद शहर में सक्रिय
चौंकाने वाली बात यह है कि ऋषभ ठाकुर को पहले ही सुभाष नगर थाना क्षेत्र से छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था। उसे बदायूं की सीमा में भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद वह बरेली में सक्रिय रहा।
पुलिस की पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए वह न केवल शहर में मौजूद था, बल्कि कथित तौर पर रंगदारी वसूली जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा था।
बहन ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
गिरफ्तारी के बाद ऋषभ ठाकुर की बहन ने बारादरी थाने के बाहर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। इस वीडियो में उसने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उसके भाई को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उसका दावा है कि ऋषभ की जिला बदर अवधि पूरी हो चुकी थी और वह कानूनी रूप से वापस लौटा था। उसने अपने भाई को निर्दोष बताते हुए पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराया।
संगठनों ने बनाई दूरी
इस मामले के सामने आने के बाद हिंदू जागरण मंच (युवा) समेत अन्य संगठनों ने आरोपी से दूरी बना ली है। जिला अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने स्पष्ट किया कि ऋषभ ठाकुर और उसके साथी को पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो संगठन के नाम का गलत इस्तेमाल कर समाज में भ्रम फैलाते हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी
बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक अमित कुमार, कांस्टेबल पवन नागर समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।






