बरेली में शत्रु संपत्तियों पर पुलिस थाना, स्कूल और कब्रिस्तान, 135 पर समाप्त हुआ पाक नागरिकों का हक

बरेली। जनपद में पाकिस्तान चले गए नागरिकों की शत्रु संपत्तियों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक के मिनट्स सार्वजनिक होने के बाद यह सामने आया है कि कई शत्रु संपत्तियों पर पुलिस थाना, स्कूल, मंदिर, नलकूप और कब्रिस्तान जैसे निर्माण मौजूद हैं। प्रशासन ने इन संपत्तियों के चिन्हांकन, नामांतरण (Mutation) और मूल्यांकन (DVC) की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
220 संपत्तियों में से 177 के वेस्टिंग ऑर्डर प्राप्त
16 फरवरी को एडीएम सिटी सौरभ दुबे द्वारा जारी बैठक विवरण के अनुसार, जनपद में कुल 220 शत्रु संपत्तियां चिन्हित हैं। इनमें से 177 संपत्तियों के संबंध में लखनऊ स्थित शत्रु संपत्ति कार्यालय से वेस्टिंग ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं। अब इन संपत्तियों पर डीवीसी और नामांतरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
आंवला तहसील में नलकूप, थाना और स्कूल
आंवला तहसील में शत्रु संपत्तियों पर कई सरकारी एवं सार्वजनिक निर्माण पाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, यहां नलकूप, पुलिस थाना, स्कूल और मंदिर जैसे ढांचे निर्मित हैं। एडीएम सिटी ने निर्देश दिया है कि जिन हिस्सों पर सार्वजनिक उपयोग के भवन बने हैं, उन्हें यथावत रखते हुए शेष भूमि का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
नायब तहसीलदार आंवला को शेष एक संपत्ति में नामांतरण और डीवीसी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। एक प्रकरण में एसडीएम न्यायालय में लंबित बंटवारे के मामले में हिस्सेदारी स्पष्ट न होने पर पुनः प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर 15 दिन के भीतर अंश निर्धारण कर डीवीसी कराने के आदेश दिए गए हैं। आंवला तहसील में अब तक 13 डीवीसी की सूचना दी गई है।
सदर तहसील में कब्रिस्तान का मामला
तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम महेशपुर अटरिया में स्थित शत्रु संपत्तियों पर कब्रिस्तान बना हुआ है। संबंधित गाटों के संबंध में शत्रु संपत्ति कार्यालय, लखनऊ से मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सदर में 7 डीवीसी तथा नगर निगम क्षेत्र से जुड़ी 45 डीवीसी लंबित हैं। अब तक 11 डीवीसी प्राप्त हुई हैं।
एक गाटा मिनजुमला में विभाजित होने के कारण चार डीवीसी बनाई गई थीं। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि विभाजित नंबरों की एक समेकित डीवीसी पार्टवार तैयार की जाए। ग्राम बेनीपुर चौधरी की चार डीवीसी को अलग करते हुए कार्यालय के निर्देशानुसार संशोधित प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है।
नगर निगम क्षेत्र की 45 संपत्तियां लंबित
नगर निगम से संबंधित 45 संपत्तियों में चिन्हांकन, नामांतरण और डीवीसी की प्रक्रिया लंबित है। राजवीर सिंह ने बताया कि वेस्टिंग ऑर्डर में 18 संपत्तियां नगर निगम से संबंधित हैं। इनमें से एक संपत्ति नगर निगम अभिलेखों में दर्ज पाई गई, जबकि सात संपत्तियों का मिलान कर लिया गया है और 14 संपत्तियां अनमैच हैं।
एडीएम सिटी ने निर्देश दिया कि दर्ज संपत्ति की डीवीसी तीन दिन के भीतर पूर्ण कर आख्या प्रस्तुत की जाए। साथ ही तहसीलदार सदर और सर्वेक्षक अरविंद मिश्रा के समन्वय से 15 दिन के भीतर सभी लंबित प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।
10 फरवरी तक की स्थिति
| तहसील | कुल संपत्ति | डीवीसी | म्युटेशन |
|---|---|---|---|
| फरीदपुर | 4 | 4 | 4 |
| नवाबगंज | 4 | 4 | 4 |
| बहेड़ी | 12 | 5 | 5 |
| आंवला | 71 | 56 | 70 |
| सदर | 129 | 45 | 52 |
| कुल | 220 | 114 | 135 |
कितनी संपत्तियां अब भी शेष
बहेड़ी में 7 संपत्तियां डीवीसी और 7 म्युटेशन के लिए लंबित हैं। आंवला में 15 डीवीसी और 1 म्युटेशन शेष है। सदर तहसील में 84 डीवीसी और 77 म्युटेशन लंबित हैं। कुल मिलाकर 106 संपत्तियों की डीवीसी और 85 संपत्तियों का म्युटेशन अभी होना बाकी है।
135 संपत्तियों पर समाप्त हुआ मालिकाना हक
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत 135 शत्रु संपत्तियों पर पाकिस्तान में बस चुके नागरिकों का मालिकाना हक समाप्त कर दिया गया है। इन संपत्तियों को अभिरक्षक शत्रु संपत्ति, मुंबई के नाम दर्ज कर दिया गया है। डीवीसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिला प्रशासन ने विधिवत अमलदरामद कर अभिलेख संशोधन कराया है।
प्रशासन की प्राथमिकता
शत्रु संपत्तियों के व्यवस्थित प्रबंधन, वैधानिक नियंत्रण और राजस्व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 15 दिन की समयसीमा तय की है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित नामांतरण, चिन्हांकन और मूल्यांकन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए।






