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बरेली में सीलिंग की जमीन पर बनी कॉलोनियों और अवैध मार्केट मामले में शासन सख्त, तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई।

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बरेली में सीलिंग की जमीन पर अवैध कॉलोनियां और मार्केट विकसित किए जाने के मामले को शासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के विशेष सचिव ओम प्रकाश पांडेय और नगर भूमि सीमारोपण के अपर निदेशक नीरज शुक्ला के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में मुख्य आरोपी सुर्खा छावनी निवासी मोहसिन और उसके भाई हस्सान, मोनिश सहित अन्य लोगों के खिलाफ जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को सौंपी गई है।

शासन ने तीन दिन के भीतर नजरी नक्शे सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। 13 फरवरी को आदेश जारी होने के बाद एडीएम सिटी/सक्षम प्राधिकारी नगर भूमि सीमारोपण सौरभ दुबे ने बुधवार को जांच प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नगर सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जे के कई मामले सामने आए हैं। इनमें महलमऊ गांव स्थित गाटा संख्या 177 और 181 तथा रहपुरा चौधरी गांव के गाटा संख्या 85 की जमीन शामिल है। इन सभी भूमि पर अवैध प्लाटिंग और निर्माण की शिकायत दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता भगवा-ए-हिंद फाउंडेशन के अध्यक्ष नासिर सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि मोहसिन और उसके भाइयों ने मिलकर मिनी बाइपास से जुड़े क्षेत्रों में नगर सीलिंग की हजारों बीघा जमीन अवैध रूप से बेच दी।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से ही प्रेमनगर और इज्जतनगर थानों में जमीन कब्जाने के कई मामले दर्ज हैं। साथ ही महाराष्ट्र के चिनचौर में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

नासिर सिद्दीकी ने अपनी शिकायत में कई अहम दस्तावेज, जैसे बैनामा, गाटा संख्या, रकबा विवरण और इकरारनामे भी संलग्न किए हैं। इसके अलावा महलमऊ रेलवे लाइन के पास बिना नक्शा पास कराए बनाई गई करीब 20 दुकानों की अवैध मार्केट और मिनी बाइपास पर चल रही प्लाटिंग के फोटो साक्ष्य भी साझा किए गए हैं।

शिकायत में जनकपुरी राजेंद्र नगर स्थित राम-जानकी मंदिर के पास बनी एक मार्केट, सिटी स्टेशन के पास स्थित सिटी पैलेस होटल और सुर्खा बानखाना क्षेत्र में बिना नक्शा स्वीकृति के निर्मित कोठी को भी अवैध बताया गया है।

एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि शासन और एडीएम सिटी की ओर से जांच के निर्देश प्राप्त हो चुके हैं और मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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