UP कैबिनेट के बड़े फैसले: गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर, ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक्स पार्क को मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को मंजूरी दी गई।
बिजनेस पार्क के लिए भूमि और वित्तीय मॉडल तय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक निजी बिजनेस पार्क के लिए न्यूनतम 10 एकड़ भूमि चिन्हित की जाएगी। हालांकि, विशेष स्थानों पर भूमि की उपलब्धता और उपयोगिता को देखते हुए इसमें लचीलापन भी रखा जाएगा।
योजना की वित्तीय संरचना में अपफ्रंट लैंड प्रीमियम, राजस्व साझेदारी और अन्य प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों को नोडल भूमिका सौंपी गई है।
ये एजेंसियां आवेदन आमंत्रित करने, ई-टेंडरिंग और बोली प्रक्रिया संचालित करने के साथ-साथ तकनीकी व वित्तीय मूल्यांकन की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया जाएगा, जो प्रस्तावों का परीक्षण कर अंतिम अनुशंसा करेगी।
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग पर रहेगा खास फोकस
चयनित डेवलपर्स को परियोजना की प्रगति, व्यय और समयसीमा के अनुपालन की नियमित रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को देनी होगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही समयबद्ध कार्यान्वयन पर भी नजर रखी जाएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर को मंजूरी
कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत संभल जिले में आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस क्लस्टर में सड़क, आरसीसी नाली, जलाशय, फायर स्टेशन, बिजली आपूर्ति, फेंसिंग और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 293.59 करोड़ रुपये प्रस्तावित थी, जिसमें से 245.42 करोड़ रुपये को स्वीकृति मिल चुकी है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से एक्सप्रेसवे के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नए औद्योगिक हब विकसित होंगे।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क
राज्य सरकार ने ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ भूमि पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना “उत्तर प्रदेश मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024” के तहत लागू की जाएगी।
इस परियोजना में न्यूनतम 1000 करोड़ रुपये का निवेश अनिवार्य होगा। साथ ही पात्र निवेशकों को 30% तक फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी दी जाएगी। भूमि का आरक्षित मूल्य 11,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है।
भूमि आवंटन ई-ऑक्शन मॉडल के जरिए किया जाएगा, जिसमें केवल पंजीकृत कंपनियां ही भाग ले सकेंगी। कंसोर्टियम या संयुक्त उद्यम को अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि सक्षम और एकल निवेशक का चयन सुनिश्चित किया जा सके।
7 साल में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट
कैबिनेट के अनुसार, चयनित डेवलपर को परियोजना को 7 वर्षों में पूरा करना होगा, जबकि पहले 3 वर्षों में कम से कम 40% कार्य पूरा करना अनिवार्य रहेगा। विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक परियोजना पूरी तरह संचालित नहीं हो जाती और निवेश की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक आवंटी को परियोजना से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
निष्कर्ष
यूपी कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स क्षमता और रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे आधारित विकास मॉडल के जरिए सरकार राज्य को एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।





