Bareilly Budget 2026-27: 1072 करोड़ के बजट को मंजूरी, सड़क-सीवर से लेकर लाइट तक बड़ा प्लान

बरेली शहर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1072 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से पारित इस बजट को अब निगम की बोर्ड बैठक में अंतिम स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा।
विकास और बुनियादी ढांचे पर फोकस
महापौर Umesh Gautam की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बजट में गड्ढा मुक्त सड़कों और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सुंदरीकरण और स्मार्ट सुविधाओं पर निवेश
मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों के कायाकल्प और सुंदरीकरण के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कार्यकारिणी ने शहर के 80 वार्डों में करीब 30 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिससे हर वार्ड में औसतन 300 से अधिक लाइटें लगाई जाएंगी।
सीवर, पानी और सफाई पर भी जोर
शहर की सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पौधरोपण के लिए 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इंद्रानगर क्षेत्र में एक बड़े नाले के निर्माण की योजना भी इस बजट में शामिल की गई है।
जाम से निपटने के लिए नई रणनीति
बैठक में डीडीपुरम, राजेंद्र नगर और सिविल लाइंस क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक जाम का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर महापौर ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही नगर निगम अपनी खुद की टोइंग वैन खरीदेगा, जिससे सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने में तेजी आएगी और ट्रैफिक पुलिस पर निर्भरता कम होगी।
तीन गुना बढ़ा निगम का बजट
पिछले वर्षों की तुलना में नगर निगम का बजट तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2018-19 में जहां बजट 355 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 1072 करोड़ रुपये हो गया है। इससे शहर में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
नाला सफाई बजट पर उठे सवाल
हालांकि बैठक में नाला सफाई के बजट में कटौती को लेकर आपत्ति भी दर्ज की गई। पहले जहां इस मद में सात लाख रुपये खर्च होते थे, उसे घटाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है, जिस पर सदस्यों ने नाराजगी जताई।
शहर विकास पर रहेगा फोकस
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि इस बजट में शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता दी गई है। सड़क, प्रकाश, जल आपूर्ति और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर नागरिकों को बेहतर जीवन देने का लक्ष्य रखा गया है।






