बरेली में ‘लाल निशान’ पर बवाल: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का विरोध, काम रुका

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल
बरेली: शहर में CM Grid Project के तहत चल रही अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। नैनीताल रोड पर कोहाड़ापीर से कुदेशिया फाटक तक अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची नगर निगम टीम को गुरुवार को स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम जैसे ही सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण पर ‘लाल निशान’ लगाने पहुंची, कुछ कब्जाधारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने निगम द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नक्शों और मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई को गलत बताया। इस दौरान मौके पर तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण की जांच वर्ष 1920-21 के पुराने राजस्व नक्शों के आधार पर की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई स्थानों पर 3 फीट से लेकर 11 फीट तक अवैध कब्जा सामने आया है। इसी दौरान कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचकर कब्जाधारियों के समर्थन में खड़े हो गए, जिससे विवाद और गहरा गया।
विरोध के चलते और नैनीताल रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए नगर निगम की टीम को चिह्नांकन की कार्रवाई अस्थायी रूप से स्थगित करनी पड़ी।
दरअसल, CM Grid Project के तहत कोहाड़ापीर से कुदेशिया फाटक और कोहाड़ापीर से प्रेमनगर धर्मकांटा तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबी मॉडल रोड विकसित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण और फुटपाथ निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है। हालांकि, यही प्रक्रिया अब प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि शेष अतिक्रमण का चिह्नांकन कार्य शुक्रवार से दोबारा शुरू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाएगा।






