बरेली में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: ‘डॉक्टर’ निकला मास्टरमाइंड, चाइनीज गेमिंग ऐप से करोड़ों की ठगी

बरेली: जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि गिरोह का संचालन एक होम्योपैथिक डॉक्टर कर रहा था, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था।
पुलिस जांच के मुताबिक, यह गिरोह चाइनीज गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को लालच में फंसाकर ठगी को अंजाम देता था। आरोपी पहले यूजर्स को ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर आकर्षित करते, फिर निवेश और मुनाफे के झांसे में लेकर उनसे बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।
ठगी की रकम को छिपाने के लिए गिरोह ने बेहद सुनियोजित तरीका अपनाया था। आरोपित राशि को सीधे अपने खातों में न लेकर ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न ‘बेनिफिशियरी’ खातों में ट्रांसफर करते थे, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पैसों की ट्रैकिंग करना कठिन हो जाए।
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया कि गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए गए एक बैंक खाते पर साइबर पोर्टल में 524 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा अब तक 22 अलग-अलग बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि भी हुई है, जिससे इस नेटवर्क के व्यापक स्तर पर सक्रिय होने के संकेत मिलते हैं।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बरेली निवासी शाकिब अली, राजकुमार, आशीष सिंह और बबलू के रूप में हुई है। वहीं, आंबेडकर नगर निवासी सचेंद्र कुमार, जो पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर है, इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय हो सकता है और ठगी की कुल राशि शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक हो सकती है।
⚠️ पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध गेमिंग ऐप या अत्यधिक लाभ के लालच देने वाले ऑफर्स से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन या गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
यह कार्रवाई जहां साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, वहीं यह आम लोगों के लिए सतर्क रहने का स्पष्ट संदेश भी देती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।






