संचारी रोग अभियान फेल: उड़ला जागीर में कचरे का अंबार, प्रधान-सचिव के दावे खोखले

संचारी रोग अभियान फेल: उड़ला जागीर में कचरे का अंबार, प्रधान-सचिव के दावे खोखले
बरेली/बिथरी चैनपुर।
विकासखंड बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत उड़ला जागीर में संचारी रोग अभियान और स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक सामने आई है। रविवार सुबह करीब 10 बजे जब लाइव भारत टीवी की टीम ने गांव का दौरा किया, तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई।
ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा किए जा रहे साफ-सफाई के दावे हकीकत से कोसों दूर दिखाई दिए। गांव के सार्वजनिक स्थलों, खासकर सरकारी गल्ला (राशन) की दुकान के पास नाले में भारी मात्रा में गंदगी जमा मिली। हालात ऐसे हैं मानो वर्षों से यहां सफाई ही नहीं कराई गई हो।
सरकारी राशन की दुकान के पास बदहाल सफाई व्यवस्था, संक्रमण का बढ़ा खतरा—ग्रामीणों में रोष
राशन लेने वालों की सेहत पर खतरा
सरकारी गल्ले की दुकान पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे राशन लेने पहुंचते हैं। लेकिन वहां फैली गंदगी और उठती दुर्गंध के बीच खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे और गंदे पानी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे गांव में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
अभियान सिर्फ कागजों में सीमित
प्रदेश सरकार द्वारा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन उड़ला जागीर में यह अभियान केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।
ग्राउंड जीरो पर न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही नालों की सफाई का कोई ठोस इंतजाम दिखाई देता है।
निधि खर्च पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत को साफ-सफाई के लिए पर्याप्त बजट मिलने के बावजूद उसका सही उपयोग नहीं हो रहा।
लोगों का कहना है कि फर्जी बिलों के जरिए सफाई के नाम पर पैसा निकाल लिया जाता है, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं दिखता।
प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर भी सवाल
जिले से लेकर विकासखंड स्तर तक अधिकारी अभियान की मॉनिटरिंग का दावा करते हैं, लेकिन उड़ला जागीर की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है।
गांव में फैली गंदगी न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह आने वाले समय में किसी बड़ी बीमारी को भी न्योता दे सकती है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने मांग की है कि:
तत्काल प्रभाव से गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए
नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए
जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। उड़ला जागीर की बदहाल सफाई व्यवस्था यह साफ दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है।






