बरेली की ‘रामायण वाटिका’ बनी ग्लोबल सेंटर ऑफ अट्रैक्शन, AI प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में विकसित ‘रामायण वाटिका’ अब स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हाल ही में एक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त लोकप्रियता मिली है, जिससे यह प्रोजेक्ट वैश्विक दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के मुताबिक, ‘रामायण वाटिका’ को एक AI-संचालित ऐप ‘क्राफ्टो’ पर शेयर किए गए एक वीडियो क्लिप के जरिए खास पहचान मिली। यह प्लेटफॉर्म आमतौर पर प्रेरक संदेश, त्योहारों की शुभकामनाएं और पर्सनल स्टेटस शेयर करने के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार वाटिका के दृश्य वायरल होते ही यह प्रोजेक्ट तेजी से ट्रेंड करने लगा। खास बात यह है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शकों के बीच भी इस वाटिका को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।
करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस थीम आधारित वाटिका में रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया गया है। इसमें चित्रकूट और किष्किंधा जैसे स्थलों को 3D विजुअल्स के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे दर्शकों को पौराणिक युग का अनुभव मिलता है।
वाटिका का मुख्य आकर्षण 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा है, जो दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। इसके अलावा थीम आधारित लैंडस्केपिंग और औषधीय पौधों की विशेष व्यवस्था के जरिए प्राचीन भारतीय संस्कृति और प्रकृति को भी प्रदर्शित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रस्तावित था, लेकिन किन्हीं कारणों से कार्यक्रम फिलहाल स्थगित हो गया। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और औपचारिक उद्घाटन के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिल रही व्यापक लोकप्रियता के चलते अब ‘रामायण वाटिका’ को बरेली के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्थान धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।






