“बदायूँ के रसख़ान” शराफ़त समीर को बरेली में ख़िराज-शेरी नशिस्त में गूँजी यादें और अशआर
K2Studio की पहल पर ख़ुशहाली सभागार में हुआ आयोजन, चार जनपदों के शायरों ने पेश की दिल छू लेने वाली शायरी

बरेली। दिनांक 14 दिसंबर 2025 को “बदायूँ के रसख़ान” के नाम से मशहूर दातागंज के प्रख्यात शायर मरहूम शराफ़त समीर की याद में बरेली के ख़ुशहाली सभागार (ख़ुशलोक हॉस्पिटल) में K2Studio की जानिब से एक भावपूर्ण शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक महफ़िल में बदायूँ, बरेली, पीलीभीत और शाहजहाँपुर से आए शायरों ने शिरकत कर शराफ़त समीर को अशआर के ज़रिये ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की।
कार्यक्रम में शराफ़त समीर के परिवार की ओर से उनके बड़े भाई फ़रहत हुसैन मौजूद रहे। उन्होंने मंच से शायरों को सम्मानित किया और भाई की स्मृतियों को साझा करते हुए आयोजन के लिए K2Studio का आभार जताया। तय समय से आगे बढ़ते हुए कार्यक्रम दो घंटे तक चला, लेकिन श्रोताओं की मौजूदगी और उत्साह अंत तक बना रहा। शायरों ने शराफ़त समीर के साथ जुड़े अपने-अपने एहसासात साझा किए और एक से बढ़कर एक रचनाएँ प्रस्तुत कीं। महफ़िल में शायरी का ऐसा रंग बिखरा कि श्रोताओं ने हर प्रस्तुति पर दिल खोलकर हौसला-अफ़ज़ाई की।
सम्मान और संकल्प
फ़रहत हुसैन ने कहा कि शराफ़त समीर की याद में ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे। वहीं, K2Studio ने परिवार का आभार व्यक्त करते हुए शीघ्र ही एक और साहित्यिक आयोजन में मुलाक़ात का वादा किया। कार्यक्रम के समापन की घोषणा के बाद सभी सहभागी शराफ़त समीर की यादों को दिलों में संजोए अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। महफ़िल साहित्य, स्मृतियों और संवेदनाओं की एक अविस्मरणीय शाम बनकर यादगार हो गई।






