नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दरोगा घेरे में, कोर्ट में पीड़िता ने खोली पोल

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कादरचौक थाने के एक दरोगा पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयान में दरोगा हरिओम पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जनता में आक्रोश भी पैदा कर दिया है।
मामला कादरचौक थाना क्षेत्र का है, जहां 9 जून को एक नाबालिग हिंदू किशोरी का अपहरण गांव के ही मुज़क्किर नामक युवक ने कर लिया। परिजनों ने अगले दिन 10 जून को थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन पुलिस की कथित लापरवाही के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने हिंदू संगठनों से मदद मांगी, जिनके दबाव में 20 जून को पुलिस ने हरकत दिखाई और तमिलनाडु से किशोरी को बरामद किया।
दरोगा पर दुष्कर्म का आरोप
बरामदगी के बाद मामला और गंभीर मोड़ लेता है। पीड़िता का आरोप है कि कादरचौक थाने में दरोगा हरिओम ने उसे अपने कमरे में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। 28 जून को कोर्ट में पेशी के दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए दरोगा के खिलाफ यह सनसनीखेज बयान दर्ज कराया। कोर्ट के बाद परिजनों को सौंपी गई किशोरी ने घर पहुंचकर अपने साथ हुई ज्यादती की पूरी कहानी बयां की।
दरोगा का तबादला, सवालों के घेरे में पुलिस
जानकारी के अनुसार, आरोपी दरोगा हरिओम ने 25 जून को ही कादरचौक थाने से दूसरे जनपद में तबादला करा लिया था, जिससे घटना को दबाने की कोशिश के आरोप भी लग रहे हैं। पीड़िता के परिजन अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर कठोर कार्रवाई की मांग करने की तैयारी में हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जनता में आक्रोश, जांच की मांग
यह मामला न केवल पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि पीड़िता को त्वरित और निष्पक्ष न्याय की जरूरत को भी रेखांकित करता है। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मामले की गहन जांच की जाए।
यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़िता के बयान और परिजनों की शिकायत के बाद अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तत्परता और पारदर्शिता दिखाती है। समाज के सभी वर्गों की निगाहें अब इस मामले पर टिकी हैं, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नाबालिग को इंसाफ मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।





