⚠️ मिलावट का जाल: सरसों का तेल, बेसन और सौंफ तक सुरक्षित नहीं, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

⚠️ मिलावट का जाल: सरसों का तेल, बेसन और सौंफ तक सुरक्षित नहीं, जांच में चौंकाने वाला खुलासा
📍 बरेली। त्योहारों के मौसम में मुनाफाखोरी के लिए मिलावटखोर अब आम लोगों की जिंदगी से खुलकर खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है कि सरसों का तेल, बेसन और सौंफ जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ भी मिलावट से अछूते नहीं हैं।
🔍 72 नमूनों में 35 फेल, 5 खतरनाक घोषित
होली से पहले 16 से 28 फरवरी तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 46 प्रतिष्ठानों से कुल 72 खाद्य नमूने लिए गए। जांच में
30 नमूने अधोमानक (Substandard)
5 नमूने असुरक्षित (Unsafe) पाए गए
असुरक्षित नमूनों में ऐसे हानिकारक रंगों की मिलावट पाई गई है, जो सीधे मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
🧪 किन-किन चीजों में क्या मिला?
सौंफ: ब्रिलिएंट ब्लू जैसे खतरनाक रंग की मिलावट
सरसों का तेल: ‘बटर यलो’ रंग की अधिकता
रिफाइंड पाम ऑयल: आयोडीन की मिलावट
बेसन: कृत्रिम पीले रंग का इस्तेमाल
ये सभी मिलावटें न केवल खाद्य मानकों का उल्लंघन हैं, बल्कि लंबे समय में जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं।
⚖️ अब होगी कानूनी कार्रवाई
विभाग के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उन्हें पहले नोटिस जारी किया जाएगा।
30 दिन में जवाब न मिलने पर
एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होगा
वहीं अधोमानक मामलों की सुनवाई एडीएम सिटी कोर्ट में की जाएगी, जहां दोषियों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
🗣️ अधिकारी क्या बोले
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय अक्षय गोयल ने बताया कि रिपोर्ट हाल ही में प्राप्त हुई है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🏥 डॉक्टरों की चेतावनी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वैभव शुक्ला के अनुसार,
“खाद्य पदार्थों में मिलाए जा रहे सिंथेटिक रंग बेहद खतरनाक हैं। इनके लगातार सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।”
⚠️ जनता के लिए चेतावनी
खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें। सस्ते और आकर्षक रंग वाले उत्पादों से बचें, क्योंकि ये आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकते हैं।






