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बरेली

गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सपा का हल्लाबोल, चौकी चौराहे पर धरना

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गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सपा का हल्लाबोल, चौकी चौराहे पर धरना
पूर्व मंत्री भगवत शरण बोले- 210 करोड़ से ज्यादा भुगतान अटका, किसान आर्थिक संकट में।

आवारा पशु, राशन घोटाले और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे भी उठाए, मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल, बरेली

बरेली में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और ग्रामीण समस्याओं को लेकर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार के नेतृत्व में सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में किसानों ने चौकी चौराहे पर धरना देकर प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर किसानों के बकाया भुगतान सहित कई समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री भगवत शरण ने कहा कि नवाबगंज और बहेड़ी क्षेत्र के हजारों किसान लंबे समय से चीनी मिलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और मिल प्रबंधन लगातार उदासीन बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की मेहनत का पैसा रोका जाना सीधे तौर पर किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान न मिलने से किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। खेती की लागत बढ़ती जा रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का पैसा समय पर नहीं मिल रहा। इससे किसानों के सामने परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई और अगली फसल की तैयारी तक का संकट खड़ा हो गया है।
210 करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान लंबित
सपा नेताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड नवाबगंज चीनी मिल पर किसानों का करीब 72 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं बहेड़ी चीनी मिल पर लगभग 138 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित चल रहा है। नेताओं ने कहा कि दोनों मिलों पर कुल 210 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि किसानों की फंसी हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
भगवत शरण ने बंद पड़ी नवाबगंज चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग उठाते हुए कहा कि मिल संचालन बंद होने से क्षेत्र के किसानों और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
आवारा पशुओं से बर्बाद हो रही फसलें
धरना-प्रदर्शन में किसानों ने आवारा पशुओं की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि रातभर खेतों की रखवाली करने के बावजूद फसलें सुरक्षित नहीं रह पा रहीं। पशु खेतों में घुसकर तैयार फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिक हालत लगातार खराब होती जा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर गौवंश और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राशन वितरण और गैस आपूर्ति पर भी उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण में भ्रष्टाचार, गरीबों से अवैध वसूली और पात्र लोगों को राशन न मिलने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। किसानों और ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है और जरूरतमंद लोग परेशान हो रहे हैं।
इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति और बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा गया। प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
सड़क, अस्पताल और विरासत अभियान की मांग
ज्ञापन में ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने, सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल रही।
सपा नेताओं ने गांवों में मृतक खातेदारों की विरासत दर्ज कराने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग उठाते हुए कहा कि ग्रामीण जनता राजस्व विभाग के चक्कर काटने को मजबूर है।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और सपा कार्यकर्ता
धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम सुल्तानी, डॉ. अनीस बेग, प्रदीप यादव, संजीव यादव, योगेश यादव समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान भी प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों का बकाया भुगतान जल्द नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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