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बरेली

बरेली की बर्फी को मिलेगा ₹1 करोड़ का प्रोत्साहन, ब्रांडिंग और रोजगार पर फोकस

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बरेली  : उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना के तहत बरेली की प्रसिद्ध बर्फी को आधिकारिक व्यंजन के रूप में चयनित किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इस योजना के लिए कुल 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले को एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी।

बरेली को मिले इस एक करोड़ रुपये के आवंटन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पारंपरिक मिठाई को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

फिल्म नहीं, उत्पादन और संभावनाएं बनीं आधार

बरेली की बर्फी को लेकर आम लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है। कई लोग इसे चर्चित बॉलीवुड फिल्म से जोड़कर देखते हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ी। हालांकि जिला उद्योग विभाग ने स्पष्ट किया है कि चयन का आधार फिल्म नहीं, बल्कि जिले में बर्फी का व्यापक उत्पादन, स्थायी मांग और रोजगार की संभावनाएं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, बरेली में वर्षों से कई प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेता उच्च गुणवत्ता की बर्फी तैयार कर रहे हैं। इसकी मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ बाहर के क्षेत्रों में भी बनी रहती है।

उत्पादन से पैकेजिंग तक होगा विस्तार

योजना के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग बर्फी निर्माण से जुड़े कारीगरों और व्यापारियों को प्रोत्साहित करने में किया जाएगा। संभावित कदमों में—

  • उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना

  • पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार

  • मार्केटिंग नेटवर्क का विस्तार

  • गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाना

इन पहलों से बरेली की बर्फी को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठित ब्रांड के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

विश्वकर्मा योजना से जुड़ा प्रशिक्षण

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त विकास यादव ने बताया कि बर्फी बनाने वाले कारीगरों को पहले से ही ‘विश्वकर्मा योजना’ के तहत हलवाई श्रेणी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता, संसाधन और तकनीकी सहयोग देने पर विचार किया जा रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बजट की घोषणा हुई है। विस्तृत कार्ययोजना जारी होने के बाद ही क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा सामने आएगी।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय कर रहा शोध

इस पहल को शैक्षणिक समर्थन भी मिल रहा है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय बर्फी के इतिहास, गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक और बाजार संभावनाओं पर शोध कार्य कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पारंपरिक स्वाद के साथ आधुनिक ब्रांडिंग रणनीति अपनाई जाए, तो बरेली की बर्फी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे न केवल बर्फी से जुड़े कारीगरों और व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि नए उद्यम भी शुरू हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और खाद्य उद्योग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सरकार का यह कदम बरेली को खाद्य मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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