अंत्येष्टि स्थल के रास्ते पर कब्जे से ग्रामीणों में आक्रोश, शव यात्रा निकालने तक की नहीं बची जगह

अंत्येष्टि स्थल के रास्ते पर कब्जे से ग्रामीणों में आक्रोश, शव यात्रा निकालने तक की नहीं बची जगह
मुड़िया अहमदनगर में फिर गरमाया चकरोड विवाद, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल
बरेली। तहसील सदर क्षेत्र के थाना इज्जतनगर अंतर्गत ग्राम मुड़िया अहमदनगर में एक बार फिर अंत्येष्टि स्थल तक जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के अंत्येष्टि स्थल तक जाने वाले चकरोड पर भू-माफिया प्रवृत्ति के लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिससे शव यात्रा निकालना तक मुश्किल हो गया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों एवं मानचित्र में अंत्येष्टि स्थल तक जाने के लिए स्पष्ट रूप से रास्ता दर्ज है, लेकिन प्रभावशाली लोगों द्वारा कथित रूप से उस मार्ग पर कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते अब तक कब्जा हटाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को अंत्येष्टि स्थल तक ले जाने के लिए समुचित रास्ता तक उपलब्ध नहीं है। इससे ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि योगी सरकार में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसले प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए रास्ता न मिलने पर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान उपजिलाधिकारी सदर द्वारा चकरोड को कब्जा मुक्त कराने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद आज तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं गांव के एक व्यक्ति का कहना है कि कुछ लोग शव यात्रा को उनके निजी आवास से होकर निकालने का दबाव बना रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी सदर बरेली से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से तत्काल चकरोड को कब्जा मुक्त कराकर अंत्येष्टि स्थल तक जाने का स्थायी रास्ता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।






