यूपीएससी प्रीलिम्स 2026: बरेली के 23 केंद्रों पर हुई परीक्षा, गहरे सवालों ने बढ़ाई अभ्यर्थियों की चुनौती
बरेली में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई UPSC प्रारंभिक परीक्षा, अभ्यर्थियों ने पेपर को बताया कठिन

बरेली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले के 23 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में कुल 9,161 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। सुबह की पहली पाली समाप्त होने के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर तनाव और चर्चा दोनों साफ दिखाई दिए। अधिकांश परीक्षार्थियों ने इस बार के प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत कठिन और विश्लेषणात्मक बताया।
अवधारणात्मक और विश्लेषणात्मक सवालों ने बढ़ाई मुश्किल
अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार प्रश्न सीधे तथ्यों पर आधारित कम और गहरी समझ पर आधारित अधिक थे। इतिहास, राजनीति, पर्यावरण, भूगोल और अर्थव्यवस्था से जुड़े सवालों में केवल सामान्य जानकारी नहीं, बल्कि विषय की गहन अवधारणात्मक समझ की जांच की गई।
करंट अफेयर्स के प्रश्न भी घटनाओं तक सीमित न रहकर उनके सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक प्रभावों से जुड़े दिखाई दिए। कई परीक्षार्थियों ने कहा कि विकल्प काफी भ्रमित करने वाले थे, जिससे सही उत्तर चुनने में समय अधिक लगा।
एक अभ्यर्थी ने बताया कि, “इस बार पेपर में रटने से ज्यादा समझ और विश्लेषण की जरूरत थी। कई सवाल ऐसे थे जिनमें दो विकल्प लगभग सही लग रहे थे।”
परीक्षा केंद्रों पर रही सख्त सुरक्षा
परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सभी केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई।
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष पुलिस तैनात रही, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण
परीक्षा की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बरेली द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्षों की व्यवस्थाएं, सुरक्षा इंतजाम और अभ्यर्थियों की सुविधाओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
अभ्यर्थियों में दिखी मिली-जुली प्रतिक्रिया
परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थी पेपर को संतुलित बता रहे थे, जबकि कई अभ्यर्थियों का मानना था कि इस बार कटऑफ पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यूपीएससी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा का स्तर केवल तथ्यात्मक जानकारी नहीं बल्कि गहरी समझ और विश्लेषण क्षमता पर आधारित होता जा रहा है।
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल, बरेली / LIVE BHARAT TV





