बिना पंजीकरण चल रहा क्लिनिक सील, तीन अस्पतालों को नोटिस

फरीदपुर में झोलाछाप की नोडल अधिकारी ने की जांच, पंजीकृत अस्पतालों में भी मिलीं खामियां
ओटी में सर्जिकल टेप लगाने और 300 बेड अस्पताल में जवाब के लिए बुलाने पर उठे सवाल, अधिकारियों ने कार्रवाई को बताया नियमानुसार
बरेली फरीदपुर में बिना पंजीकरण संचालित क्लिनिक और अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को अभियान चलाया। झोलाछाप की नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार ने टीम के साथ कई अस्पतालों और क्लिनिकों का निरीक्षण किया। इस दौरान बिना पंजीकरण संचालित पुष्पेंद्र के क्लिनिक को सील कर दिया गया। तीन अन्य अस्पताल पंजीकृत मिले, लेकिन निरीक्षण में कमियां मिलने पर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
नोडल अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार के मुताबिक फरीदपुर में एक अस्पताल के बिना पंजीकरण संचालित होने की सूचना मिली थी। टीम जांच के लिए पहुंची तो संबंधित अस्पताल बंद मिला। इसके बाद टीम ने क्षेत्र के अन्य अस्पतालों और क्लिनिकों का निरीक्षण शुरू किया। जांच के दौरान पुष्पेंद्र का क्लिनिक बिना पंजीकरण संचालित मिला। आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर क्लिनिक को सील कर दिया गया।
ओटी में प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ नहीं मिला
टीम ने श्री ओम बत्रा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। अस्पताल का पंजीकरण मिला, लेकिन नोडल अधिकारी के अनुसार ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में निरीक्षण के समय प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके चलते ओटी में अन्य मरीजों के ऑपरेशन करने पर रोक लगा दी गई और अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया। अधिकारी का कहना है कि ओटी की औपचारिक सीलिंग नहीं की गई।
इसके बाद प्राइम अस्पताल और मर्सी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। यहां भी जांच के दौरान कुछ कमियां मिलने की बात सामने आई, जिस पर दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। मर्सी अस्पताल के संचालक ने टीम को बताया कि पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है।
कार्रवाई के तरीके को लेकर उठे सवाल
निरीक्षण के बाद कार्रवाई के कुछ पहलुओं को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं। इनमें अस्पताल की ओटी पर सर्जिकल टेप लगाने, अस्पताल संचालकों को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के बजाय 300 बेड अस्पताल स्थित नोडल अधिकारी के कार्यालय में जवाब देने के लिए बुलाने और कथित रूप से अस्पताल संचालकों को 300 बेड अस्पताल के प्लंबर का नंबर उपलब्ध कराने का मामला शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि झोलाछाप की नोडल अधिकारी का कार्यालय 300 बेड अस्पताल परिसर में संचालित होता है। इसी कारण संबंधित अस्पताल संचालकों को स्पष्टीकरण देने के लिए वहां बुलाया गया है। अधिकारियों ने निरीक्षण और नोटिस की कार्रवाई को नियमानुसार बताया है।
एक नजर में कार्रवाई
– बिना पंजीकरण संचालित पुष्पेंद्र का क्लिनिक सील
– श्री ओम बत्रा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल को नोटिस
– प्राइम अस्पताल को कमियां मिलने पर नोटिस
– मर्सी अस्पताल को भी नोटिस
– पंजीकृत अस्पताल की ओटी को लेकर हुई कार्रवाई पर सवाल






