बरेली में GST फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क पकड़ा, 100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
फर्जी फर्म बनाकर बिना माल की खरीद-बिक्री के काटे जाते थे बिल, बोगस ITC लेने का आरोप; पांच गिरफ्तार नेपाल में छिपा था फरजान हाशमी, फर्जी नाम से रहकर मोबाइल एप से साथियों के संपर्क में था
बरेली। फर्जी फर्मों और इनवॉइस के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने के कथित बड़े नेटवर्क का पुलिस और GST की विशेष जांच टीम (SIT) ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आया है। मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल फरजान हाशमी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और फर्जी फर्मों की पूरी चेन की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्मों का नेटवर्क तैयार करता था। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी आधार और पैन समेत अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद बिना वास्तविक रूप से माल खरीदे या बेचे GST इनवॉइस जारी किए जाते और इनके आधार पर बोगस ITC का लाभ लेने का प्रयास किया जाता था।
कागजों में कारोबार, इनवॉइस से चलता था खेल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि नेटवर्क से जुड़ी कई फर्मों में वास्तविक कारोबारी गतिविधियां संदिग्ध थीं। आरोप है कि कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर बिलों की चेन तैयार की जाती थी। इन इनवॉइस के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में इस सिंडिकेट से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क का दायरा और इससे जुड़ी रकम स्पष्ट होने की संभावना है।
कार्रवाई हुई तो नेपाल भाग गया फरजान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, GST विभाग की कार्रवाई शुरू होने के बाद आरोपी फरजान हाशमी नेपाल भाग गया था। आरोप है कि वहां वह फर्जी नाम से रह रहा था। इसके बावजूद वह मोबाइल एप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में बना रहा और नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लेता रहा।
पुलिस और SIT ने उसकी गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाए और कार्रवाई करते हुए फरजान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सागर अग्रवाल को बताया जा रहा नेटवर्क का सरगना
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में सागर अग्रवाल का नाम नेटवर्क के कथित मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। SIT अब उससे जुड़े लोगों, बैंक खातों, फर्जी फर्मों और बिलिंग की पूरी चेन की पड़ताल कर रही है।
जांच का फोकस यह पता लगाने पर भी है कि फर्जी फर्म तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज कहां से जुटाए गए और बोगस इनवॉइस का फायदा किन-किन फर्मों या कारोबारियों तक पहुंचा।
फर्जी फर्मों की पूरी कुंडली खंगाल रही SIT
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। SIT फरार आरोपियों की तलाश के साथ संदिग्ध फर्मों के GST पंजीकरण, बैंक खातों, लेनदेन और इनवॉइस की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और कथित फर्जी बिलिंग का कारोबार कब से संचालित किया जा रहा था।
मामले में आगे की जांच और गिरफ्तारियों के बाद GST फ्रॉड के इस नेटवर्क की और परतें खुलने की संभावना है।






