कोचिंग और कमर्शियल बिल्डिंग बनाने वाले सावधान! नक्शे से लेकर NOC तक बदल गए बड़े नियम

कोचिंग और कमर्शियल बिल्डिंग बनाने वाले सावधान! नक्शे से लेकर NOC तक बदल गए बड़े नियम
बरेली। लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। अब कोचिंग सेंटर, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यवसायिक भवनों के निर्माण एवं संचालन के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन पहले से अधिक अनिवार्य माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यवसायिक भवन के निर्माण में फायर रेटेड (अग्निरोधी) सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही भवन का मानचित्र स्वीकृत कराने के अलावा फायर विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्राप्त करना भी जरूरी है।
बताया गया है कि 500 वर्गमीटर तक के आवासीय भवनों के लिए फायर विभाग की एनओसी अनिवार्य नहीं है, लेकिन व्यवसायिक उपयोग वाले भवनों और कोचिंग संस्थानों के लिए अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि भवनों में पर्याप्त चौड़ाई वाले निकास द्वार, आपातकालीन सीढ़ियां, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और सुरक्षित विद्युत वायरिंग जैसी व्यवस्थाएं होना बेहद आवश्यक है। इन मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
उधर, विकास प्राधिकरण और संबंधित विभाग भी निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाने की तैयारी में हैं। बिना स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक एनओसी या सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों और व्यवसायिक भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा मानकों का उद्देश्य केवल कानूनी औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लखनऊ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए भवन स्वामियों और संस्थान संचालकों को सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।





