बरेली पुलिस में बड़ा फेरबदल: 54 पुलिसकर्मी एक साथ रिलीव, थानों की कमान बदली

रिपोर्ट: लाइव भारत टीवी / देवेंद्र पटेल, बरेली
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस विभाग के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है, जिसने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक साथ 54 पुलिसकर्मियों को रिलीव किए जाने की कार्रवाई ने यह साफ संकेत दे दिया है कि अब विभाग में अनुशासन को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई की शुरुआत डीआईजी अजय साहनी के निर्देशों के बाद हुई, जिसके तहत इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) स्तर के कुल 54 पुलिसकर्मियों का गैर जनपद तबादला किया गया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पुलिस लाइन से लेकर विभिन्न थानों और विशेष इकाइयों तक हलचल तेज हो गई।
अचानक एक्शन से महकमे में मची हलचल
इस सामूहिक रिलीव आदेश के बाद बरेली पुलिस महकमे में एक तरह का प्रशासनिक झटका महसूस किया गया। जिन पुलिसकर्मियों को रिलीव किया गया, वे जिले के अलग-अलग थानों, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और अन्य विशेष इकाइयों में तैनात थे। आदेश जारी होते ही कई थानों की कमान में बदलाव देखने को मिला, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से फेरबदल हुआ।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित रिलीव प्रक्रिया को लेकर की गई है, जिसे अब सख्ती के साथ लागू किया गया है।
किन-किन अधिकारियों का हुआ तबादला
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस सूची में कई अहम पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। प्रमुख तबादलों में—
- साइबर थाना के इंस्पेक्टर नीरज सिंह यादव को शाहजहांपुर भेजा गया
- क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामसेवक और न्यायालय सुरक्षा प्रभारी सतीश कुमार को बदायूं स्थानांतरित किया गया
- रामवीर सिंह और रूप नारायण सिंह को पीलीभीत ट्रांसफर किया गया
इसके अलावा एएनटीएफ प्रभारी विकास यादव सहित धर्मवीर सिंह, धर्मेंद्र कुमार देशवाल, सरिता, मेवाराम, सोनी खंपा, चित्रदेव शर्मा, योगेंद्र सिंह यादव, मनोज कुमार, ललित गिरि और अखिलेश कुमार समेत कुल 5 इंस्पेक्टर और 49 दारोगा इस बड़े फेरबदल का हिस्सा बने हैं।
पहले ट्रांसफर, अब सख्ती से रिलीव
सूत्रों के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों के तबादले पहले ही अन्य जिलों में कर दिए गए थे, लेकिन वे अब तक अपने वर्तमान स्थान पर कार्यरत थे। रिलीव प्रक्रिया में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए SSP अनुराग आर्य ने इस पर कड़ा रुख अपनाया और एक साथ सभी को कार्यमुक्त कर दिया।
सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल अपने नए तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करें। इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
SSP का स्पष्ट संदेश—आदेशों में ढिलाई नहीं
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि बरेली पुलिस प्रशासन अब आदेशों के पालन को लेकर पूरी तरह सख्त हो गया है। SSP अनुराग आर्य ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा आदेशों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में रिलीव की गई कार्रवाई को विभाग के भीतर एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बना सकता है।
नई तैनाती को लेकर चर्चाओं का दौर
इस बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के बाद अब पुलिस महकमे में नई तैनाती और जिम्मेदारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिन थानों और इकाइयों में पद खाली हुए हैं, वहां जल्द ही नई नियुक्तियां किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, कुछ दारोगाओं की स्क्रीनिंग प्रक्रिया अभी भी जारी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों पर यह आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने तथ्यों को छुपाकर ट्रांसफर सूची से बचने की कोशिश की। ऐसे मामलों की जांच की जा रही है और आगे और कार्रवाई संभव है।
प्रशासनिक सख्ती का संकेत
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि बरेली पुलिस विभाग में अब पारदर्शिता और अनुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। लंबे समय से लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि नियमों के पालन में कोई समझौता नहीं होगा।
फिलहाल, इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कार्रवाई का जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था पर क्या असर पड़ता है।






