बरेली में खेतों तक पहुंचा बारिश का पानी, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट: 49 चौकियां और 34 शरणालय तैयार।

किच्छा-धौरा समेत कई नदियों का पानी रामगंगा में पहुंच रहा; डीएम ने संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए, गांव स्तर पर बाढ़ सुरक्षा समितियां सक्रिय
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली
बरेली। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर और आंवला क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश का पानी खेतों तक पहुंच गया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
किच्छा और धौरा समेत आसपास की नदियों का पानी रामगंगा में पहुंचने के कारण नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को बारिश, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने को कहा गया है।
जिले में 49 बाढ़ चौकियां तैयार
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने जिले में कुल 49 बाढ़ चौकियां तैयार की हैं। इनमें बहेड़ी में 10, सदर में 5, आंवला में 6, मीरगंज में 14 और नवाबगंज में 8 चौकियां शामिल हैं। इन चौकियों के माध्यम से नदी किनारे और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को जलस्तर बढ़ने, जलभराव होने अथवा किसी गांव के प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
34 बाढ़ शरणालय भी तैयार
प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 34 बाढ़ शरणालय तैयार रखे हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को इन शरणालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही गांव स्तर पर बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर से मिलने वाली सूचनाएं प्रशासन तक तेजी से पहुंच सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में लेखपालों और अन्य राजस्व कर्मचारियों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर नदियों के किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और पूर्व में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
डीएम ने अधिकारियों के साथ की तैयारियों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने एसएसपी, सीओ, एसएचओ, एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपालों समेत संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील गांवों के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए। किसी क्षेत्र में तेजी से पानी भरने या नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भी जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।






