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बरेली: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मतांतरण और ‘घर वापसी’ पर दिया बयान, रमजान में लाउडस्पीकर सीमित रखने की अपील

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बरेली: आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi ने मतांतरण के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों की जड़ें इसी देश से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में बेहद कम संख्या में लोग अरब देशों से आए थे, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इस्लाम स्वीकार किया।

मौलाना ने कहा कि यह कहना गलत है कि लोगों को तलवार के बल पर धर्म परिवर्तन कराया गया। उनके अनुसार, कई लोगों ने अपने व्यक्तिगत कारणों और सामाजिक परिस्थितियों के चलते इस्लाम अपनाया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वर्गों द्वारा जबरन मतांतरण के आरोप लगाए जाते हैं, जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया

लखनऊ प्रवास के दौरान संघ प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा था कि भारतीय मुसलमानों की पूर्वज पीढ़ियां हिंदू थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना ने कहा कि यह ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो अधिकांश भारतीय मुसलमानों की जड़ें इसी भूमि से जुड़ी हैं।

‘घर वापसी’ को लेकर उठ रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि यदि किसी को पुनः धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो वह भी मतांतरण की श्रेणी में ही आता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मतांतरण के विरुद्ध कानून बनने के बाद ‘घर वापसी’ जैसे शब्दों का प्रयोग बढ़ा है।

जनसंख्या पर भी रखी राय

मुसलमानों में अधिक संतानों के मुद्दे पर मौलाना ने कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में कोई भी परिवार अनावश्यक रूप से अधिक बच्चे पैदा करना नहीं चाहता। उन्होंने इसे सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ा विषय बताया।


रमजान में लाउडस्पीकर सीमित रखने की अपील

रमजान के पवित्र महीने को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मस्जिदों के इमामों से अपील की कि लाउडस्पीकर का सीमित उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सहरी के समय और नमाज की सूचना तक ही इसका प्रयोग सीमित रखा जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि रोजेदारों के सम्मान में दिन के समय सार्वजनिक रूप से खाने-पीने की दुकानों को बंद रखा जाए। साथ ही यह भी ध्यान दिलाया कि इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संयमित उपयोग आवश्यक है।

मौलाना का यह बयान सामाजिक समन्वय और पारस्परिक सम्मान की अपील के रूप में देखा जा रहा है।

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