चुनावी तैयारियों के बीच बरेली में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, आज नड्डा और केशव मौर्य संभालेंगे मोर्चा

चुनावी तैयारियों के बीच बरेली में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, आज नड्डा और केशव मौर्य संभालेंगे मोर्चा
पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम कथा में होंगे शामिल, बरेली की पदयात्रा के जरिए भाजपा साधेगी सियासी समीकरण
देवेंद्र पटेल | बरेली।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच मंगलवार को बरेली और पीलीभीत में भाजपा के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी सियासी हलचल बढ़ाने वाली है। पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, वहीं बरेली में भाजपा लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस पदयात्रा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
राजनीतिक दृष्टि से बरेली में एक साथ कई बड़े नेताओं की मौजूदगी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूती देने और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी का धार्मिक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पीलीभीत के नूरानपुर गांव पहुंचेंगे। यहां गोरक्षपीठ आश्रम में आयोजित श्रीराम कथा में शामिल होकर धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री लगभग एक घंटे तक कार्यक्रम में रहेंगे। इसके बाद शिव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। दोपहर 1:40 बजे हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
बरेली में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, बड़े नेता होंगे शामिल
उधर, बरेली में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर तैयारियां की गई हैं। पदयात्रा दोपहर 12 बजे स्वयंवर बरातघर से शुरू होगी। यहां से बांके बिहारी मंदिर होते हुए बलिदानी पंकज अरोरा स्मारक पर पहुंचकर इसका समापन होगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक मंच पर आना संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने का संदेश भी देगा।
चुनाव से पहले बरेली के सियासी समीकरण सुधारने की कवायद
बरेली मंडल की राजनीति में भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने के साथ ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती भी है। ऐसे में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को महज एक राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस तरह के बड़े आयोजनों के जरिए पार्टी अपने समर्थक वर्ग तक संदेश पहुंचाने, संगठन में नई ऊर्जा भरने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश करती है। बरेली के साथ पीलीभीत में भी बड़े नेताओं के कार्यक्रम होने से पूरे मंडल में राजनीतिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
हालांकि, इस पदयात्रा का वास्तविक चुनावी असर आने वाले समय में पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता, स्थानीय नेतृत्व की भूमिका और जनता के बीच उसके मुद्दों की स्वीकार्यता से तय होगा।
अब निगाहें पदयात्रा के संदेश पर
बरेली में भाजपा के इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि पार्टी आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए अभी से अपनी तैयारियों को धार देने में जुटी है। पदयात्रा में जुटने वाली भीड़, नेताओं के संबोधन और कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले संदेश पर राजनीतिक हलकों की निगाहें रहेंगी। यह आयोजन बरेली में भाजपा की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ताकत का एक अहम प्रदर्शन साबित हो सकता है।






