ए++ ग्रेड का फायदा: रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में शुरू होगी डिस्टेंस लर्निंग

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुवि) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय को यूजीसी से आठ पाठ्यक्रमों में दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) की मान्यता मिल गई है। इसके चलते अब छात्र-छात्राएं कॉलेज आए बिना घर बैठे पढ़ाई कर डिग्री हासिल कर सकेंगे।
आठ कोर्स में यूजीसी की हरी झंडी
यूजीसी से मान्यता मिलने वाले पाठ्यक्रमों में, एमए (इतिहास), एमए (अर्थशास्त्र), एमए (हिंदी), एमए (शिक्षा), एमए (अंग्रेजी), एमएससी (गणित), एमकॉम, बीए, शामिल हैं। पहले चरण के दाखिले पूरे हो चुके हैं, जबकि दूसरे चरण के प्रवेश फरवरी माह में किए जाएंगे।
मंडल भर के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस पहल से बरेली और मुरादाबाद मंडल सहित आसपास के जिलों के हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि नैक में उत्कृष्ट ग्रेड हासिल करने वाले विश्वविद्यालयों को ही यूजीसी द्वारा दूरस्थ शिक्षा की अनुमति दी जाती है, जिससे रुवि की शैक्षणिक गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
डिजिटल लर्निंग हब से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर
रुवि परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल लर्निंग हब विकसित किया जा रहा है। यह अब, ई-कंटेंट निर्माण
ऑनलाइन व हाइब्रिड कोर्स
वर्चुअल क्लासरूम
शिक्षक–छात्र लाइव इंटरैक्शन, के लिए वन-स्टॉप सेंटर बनेगा।
दूर-दराज के छात्र अब ऑनलाइन माध्यम से सीधे शिक्षकों से पढ़ाई कर सकेंगे। इस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया जाएगा।
ए++ ग्रेड का सीधा फायदा छात्रों को
उच्च शिक्षा संस्थानों में ए++ नैक ग्रेड सर्वोच्च श्रेणी मानी जाती है। इसी उपलब्धि के कारण रुहेलखंड विश्वविद्यालय को यह विशेष मान्यता मिली है, जिससे क्षेत्रीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
कुलपति का बयान
“ए++ ग्रेड मिलने के बाद विश्वविद्यालय को आठ पाठ्यक्रमों में दूरस्थ शिक्षा की मान्यता प्राप्त हुई है। यह रुहेलखंड क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा का मजबूत माध्यम बनेगा। डिजिटल लर्निंग हब के जरिए इसे और विस्तार दिया जाएगा।”प्रो. कृष्ण पाल सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय






