रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संबोधन
बोलीं- उपाधि और पदक बता रहे हैं कि रुहेलखंड में बेटियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल राजभवन से ऑनलाइन शामिल हुईं। अपने संबोधन में उन्होंने छात्र-छात्राओं को निरंतर आगे बढ़ने, समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का संदेश दिया।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र में 1,00,631 उपाधियां प्रदान की गई हैं। इनमें 62 प्रतिशत उपाधियां छात्राओं और 38 प्रतिशत छात्रों को मिली हैं। वहीं, 74 स्वर्ण एवं अन्य पदकों में से 60 पदक छात्राओं ने अपने नाम किए हैं, जो कुल पदकों का लगभग 83 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि रुहेलखंड की बेटियां शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्रों से भी निरंतर मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना भी है।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन से यह भी जानने की इच्छा जताई कि उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं की भागीदारी कितनी है, ताकि भविष्य की योजनाएं उसी आधार पर तैयार की जा सकें।
एचपीवी वैक्सीन अभियान में सहभागिता की अपील
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सर्वाइकल कैंसर से बचाव और एचपीवी (HPV) वैक्सीन अभियान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित महिलाओं की संख्या चिंताजनक है, इसलिए इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर इस अभियान की शुरुआत की गई थी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने इस विषय पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने निशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने कुलपति, शिक्षकों और विद्यार्थियों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।राज्यपाल ने अंत में सभी उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






