250 मकानों पर लाल निशान, उबाल पर खलीलपुर
बोले लोग—बुलडोजर चला तो सड़क पर उतरेंगे, जान दे देंगे पर घर नहीं टूटने देंगे

बरेली। नगर निगम की एक कार्रवाई ने सीबीगंज क्षेत्र के खलीलपुर वार्ड–22 को उबाल पर ला दिया है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर निगम ने 250 से अधिक मकानों और दुकानों पर लाल क्रॉस के निशान लगा दिए हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में दहशत और गुस्सा दोनों फैल गया है। लोगों का आरोप है कि बिना किसी नोटिस और पूर्व सूचना के उनके आशियानों को निशाने पर लिया गया है।
“पीढ़ियों से यहां रह रहे, आज पहली बार बताया गया अतिक्रमण”
खलीलपुर रोड के निवासियों का कहना है कि यह कोई नई बसी कॉलोनी नहीं, बल्कि आजादी से पहले से आबाद इलाका है। बुजुर्गों ने दावा किया कि उनकी तीन-चार पीढ़ियां यहीं पली-बढ़ी हैं और उनके पास मकानों से जुड़े पुख्ता कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस जमीन को निगम अब अचानक अपनी बता रहा है, वहां वे 70–80 वर्षों से काबिज हैं और नियमित रूप से हाउस टैक्स भी जमा कर रहे हैं।
सड़क चौड़ीकरण बना विवाद की जड़
बताया गया कि रामपुर रोड पर सीबीगंज थाने के सामने स्थित हनुमान मंदिर से मोहल्ले के भीतर जाने वाली सड़क की वर्तमान चौड़ाई 12 मीटर है। यातायात दबाव और रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुए निगम इसे 16 मीटर चौड़ा करने की योजना बना रहा है। इसी के तहत नगर निगम ने हाल ही में नाप-जोख कर करीब 250 से अधिक मकानों व दुकानों पर लाल निशान लगा दिए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, बस्ती एकजुट
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया, न ही किसी तरह की सुनवाई हुई। बस अचानक नाप-जोख कर मकानों पर निशान लगा दिए गए। इससे पूरी बस्ती में आक्रोश फैल गया है और लोग एकजुट होकर निगम की कार्रवाई के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
“जीवन भर की कमाई घर में लगाई, उजड़ने नहीं देंगे”
लोगों का दर्द छलक पड़ा। उनका कहना है कि उन्होंने जीवन भर की जमा-पूंजी इन मकानों में लगा दी है। यदि जबरन बुलडोजर चलाया गया तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
स्थानीय निवासियों ने दो टूक कहा“हम अपना घर टूटते नहीं देख सकते। जरूरत पड़ी तो जान दे देंगे, लेकिन बुलडोजर नहीं चलने देंगे।”






