सूरजकुंड मेले का होगा डिजिटल विस्तार, शिल्पियों को मिलेगा वैश्विक बाजार

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय आने वाले दिनों में सूरजकुंड मेले का डिजिटल विस्तार करने जा रहा है। इस पहल से देशभर के शिल्पियों को बड़ा बाजार उपलब्ध होगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई दिशा मिलेगी। मंत्रालय शिल्पकारों के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार कर रहा है, जिसके माध्यम से कारीगर पूरे वर्ष अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को विश्वभर में बेच सकेंगे।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप शिल्पकारों के हुनर को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शिल्पकार केवल मेले की अवधि तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए उन्हें निरंतर बाजार मिलेगा। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।
डिजिटल विस्तार से सूरजकुंड मेले की पहचान और भी व्यापक होगी। यह प्लेटफार्म शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा और भारतीय हस्तशिल्प की परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।



