पंजाब में 57% कुओं में बढ़ा भूजल स्तर, फाजिल्का और रोपड़ में सबसे बेहतर स्थिति
पंजाब में मानसून के बाद किए गए भूजल विश्लेषण में पानी के स्तर को लेकर मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में विश्लेषण किए गए 185 कुओं में से 106 कुओं, यानी करीब 57 प्रतिशत में 0 से 4 मीटर तक भूजल स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं, 78 कुओं (लगभग 42.2 प्रतिशत) में भूजल स्तर में 4 मीटर तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक कुएं में जलस्तर में कोई बदलाव नहीं पाया गया।
यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने सोमवार को राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी। मंत्री यह जवाब आम आदमी पार्टी के पंजाब से राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी द्वारा पूछे गए सवाल पर दे रहे थे।
फाजिल्का में सबसे अधिक सुधार
मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि फाजिल्का जिले में भूजल स्तर में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां विश्लेषण किए गए सभी 10 कुओं में जलस्तर में वृद्धि पाई गई।
इसके अलावा, होशियारपुर जिले में जांचे गए 19 कुओं में से 10 कुओं में भूजल स्तर बढ़ा है। वहीं रोपड़ जिले में स्थिति और बेहतर रही, जहां विश्लेषण किए गए सभी सात कुओं में 100 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुछ जिलों में सकारात्मक सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में गिरावट अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।



