कस्तूरबा विद्यालय में अव्यवस्थाओं पर छात्राओं का प्रदर्शन, भूख हड़ताल खत्म

बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर छात्राओं में आक्रोश देखने को मिला। भूड़िया कॉलोनी ग्राम उतरसिया सामुखिया स्थित इस विद्यालय में व्यवस्थाओं से नाराज करीब 70 छात्राएं रविवार सुबह भूख हड़ताल पर बैठ गईं। इस घटना से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में उन्हें समय पर बिजली, पेयजल, भोजन, स्टेशनरी और अन्य दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। खासकर पीने के पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। साथ ही लगातार बिजली कटौती के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कई बार इन समस्याओं की शिकायत की, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
विद्यालय में शिक्षकों की संख्या को लेकर भी छात्राओं ने सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार विद्यालय में कुल आठ शिक्षक तैनात हैं, जिनमें पांच पूर्णकालिक और तीन अंशकालिक शिक्षक शामिल हैं। छात्राओं ने विद्यालय इंचार्ज संगीता भास्कर पर पढ़ाई और आवासीय व्यवस्था से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
मामले की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों और शिक्षकों की टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। समझाने के बाद छात्राओं ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी और भोजन ग्रहण किया। पानी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान संदीप सिंह ने दो दिन के भीतर हैंडपंप ठीक कराने का आश्वासन दिया है।
इसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े प्रद्युम्न गंगवार अपने साथियों के साथ विद्यालय पहुंचे और छात्राओं को सभी जरूरी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की।
इस पूरे मामले पर विद्यालय इंचार्ज संगीता भास्कर ने कहा कि छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही सभी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।






